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वीरेंद्र चौहान: असली मुद्दे गौण कर चाटुकारों को खुश करने में जुटी सरकार

Wed, 10 Nov 2021 08:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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राजकीय अध्यापक संघ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान - फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक से पहले राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को प्रेस क्लब शिमला में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार असली मुद्दे गौण कर चाटुकारों को खुश करने में जुटी है। उन्होंने शिक्षक संघों के बिना हो रही जेसीसी बैठक को बेमानी करार दिया। कहा कि बीते चार वर्षों में शिक्षकों और कर्मचारियों का एक भी मामला हल नहीं हुआ है।

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वीरेंद्र चौहान ने कहा कि जेसीसी का गठन चुनाव के माध्यम से होना चाहिए। इसमें सभी कर्मचारियों को शामिल किया जाए। अन्यथा शिक्षकों के लिए अलग से जेसीसी बनाई जाए। चौहान ने कहा कि कई कर्मचारी नेता केवल सरकार का गुणगान गाने में लगे हैं और सरकार भी चाटुकारों को खुश करने में लगी है। इन सब में असल मुद्दे गौण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना और शिक्षकों के हित में आवाज उठाने का नतीजा है कि 10 कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं और उन्हें चार्जशीट किया गया है।

वीरेंद्र चौहान ने सरकार पर शिक्षकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल में 90 हजार के आसपास शिक्षक कार्यरत हैं लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को सुनने के लिए जीसीसी जैसा कोई भी उचित प्लेटफार्म नहीं बनाया है। चौहान ने कहा कि शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक ने अभी तक संघ के साथ एक भी एजेंडा बैठक नहीं की है। 
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यह उठाई मांगें
लंबित पांच फीसदी महंगाई भत्ते का भुगतान तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए।
4-9-14 टाइम स्केल के लाभ दिए जाएं। संशोधित ग्रेड पे की विसंगतियां दूर हों।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर 15-5-2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत लाया जाए।
अपंगता और अकस्मात मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत लाने के प्रावधान को लागू किया जाए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संघ की बैठक शीघ्र निर्धारित की जाए जिससे शिक्षकों के लंबित मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
टीजीटी व पदोन्नत प्रवक्ता से मुख्याध्यापक की पदोन्नति सूची को अविलंब जारी किया जाए।
2017 के बाद प्रधानाचार्य की पदोन्नतियों को भी शीघ्र नियमित किया जाए।
कर्मचारियों के अनुबंध सेवाकाल को दृष्टि पत्र के अनुरूप 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष किया जाए।
टीजीटी से प्रवक्ता स्कूल न्यू की पदोन्नति हेतु सेवा शर्त को 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष किया जाए।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बीमारी की स्थिति में कैशलैस हेल्थ सर्विस का प्रावधान किया जाए।
नियमित होने पर इनिशियल स्टार्ट की बहाली हो, सभी लाभ प्रथम नियुक्ति की तिथि से दिए जाए।
अध्यापकों को सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष की जाए।
सभी स्कूलों के बैंक खाते एचडीफ सी बैंक में खुलवाने के आदेश वापस लिए जाएं।

शिक्षकों का प्लेटफॉर्म अपना, उनकी बातें भी सुनी जाएंगी: जयराम 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों का प्लेटफॉर्म अपना है। उनकी बातें सुनी जाएंगी। सीएम जयराम ठाकुर ने यह बात शिक्षकों की ओर से भी जेसीसी की तर्ज पर अलग प्लेटफॉर्म बनाने की मांग पर कही। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कहा कि जेसीसी की बैठक तय हुई है। कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सीएम बोले कि उम्मीद पर दुनिया जी रही है और स्वाभाविक रूप से वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखकर जो भी कर पाएंगे, उसे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ की ओर से भी जेसीसी की तर्ज पर प्लेटफॉर्म देने की मांग उठाए जाने पर उनकी बातें सुनी जाएंगी।

उनका अपना प्लेटफॉर्म है और अलग से है। उनकी बातें सुनेंगे। ये पहले भी सुनी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हवाई मार्ग, सड़क अैर रेल कनेक्टिविटी पर सरकार फोकस कर रही है। रेलवे की भी बात की है। जयराम ठाकुर बोले कि चाहे भानुपल्ली-बेरी की बात हो या कोई अन्य मामला ही हो। रेलवे की परियोजनाओं के बारे में भी पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत जरूरी है।

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