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Himachal News: 30 बीघा भूमि पर भी राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की तैयारी

Thu, 16 Nov 2023 03:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में राज्य में शिक्षा के स्तर को और बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों को खोलने का एलान किया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में 30 बीघा भूमि पर भी राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में स्कूल खोलने के लिए 50 बीघा भूमि नहीं मिलने पर नियमों में बदलाव करने के लिए नया प्रस्ताव बनाया गया है। प्रदेश में चिन्हित 18 स्कूलों का निरीक्षण कर लौटी टीम जल्द मुख्यमंत्री को इस बाबत प्रस्तुति देगी। सभी आधुनिक सुविधाओं और शिक्षकों के अलग कैडर के साथ प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोले जाने हैं।

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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्कूल निर्माण के लिए 50 बीघा भूमि ऐसे स्थानों पर मिल रही है जहां तक बच्चों का पहुंचना मुश्किल होगा। गांवों से काफी दूरी पर ऐसे स्थान हैं। शहरी क्षेत्रों में इतनी अधिक भूमि भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में योजना के नियमों को बदलना जरूरी हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में राज्य में शिक्षा के स्तर को और बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों को खोलने का एलान किया है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इन स्कूलों के निर्माण के लिए 18 जगह चुनी गई हैं। इन स्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाने का जिम्मा सरकार ने विशेष सचिव शिक्षा पंकज रॉय को सौंपा है। विशेष सचिव जल्द ही अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट पर कैबिनेट बैठक में मंथन के बाद बदलाव को लेकर फैसला लिया जाएगा। योजना के तहत पहले चरण में 18 माह के भीतर प्री नर्सरी से पांचवीं कक्षा के ब्लॉक तैयार किए जाएंगे।
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राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों में प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक लगभग 900 से 1000 छात्रों को समायोजित करने की क्षमता होगी। इन स्कूलों में हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, म्यूजिक रूम सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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हिमाचल में अगले साल 3 अटल आदर्श आवासीय स्कूल शुरू होंगे

प्रदेश में अगले वर्ष से तीन अटल आदर्श आवासीय स्कूल खुल जाएंगे। जिला ऊना के बंगाणा और जिला मंडी के नाचन में चैलचौक और धर्मपुर के मढ़ी में निर्माणकार्य जल्द पूरा होने वाला है। यहां हॉस्टलों का निर्माण शेष रहा है। इन आवासीय स्कूलों के खुलने से विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। पूर्व सरकार ने अटल आदर्श आवासीय स्कूल खोलने का फैसला लिया था। अटल आदर्श आवासीय स्कूल में स्मार्ट क्लास, स्वास्थ्य सुविधाएं, पुस्तकालय, जैविक खेती जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है।

सिर्फ संबंधित विधानसभा क्षेत्र के बच्चों को ही इन स्कूलों में दाखिले मिलेंगे। निर्धारित 50 सीटें भरने के लिए अधिक आयु वाले बच्चों को प्राथमिकता मिलेगी। दाखिले की लिए प्रवेश परीक्षा होगी। नर्सरी से बारहवीं कक्षा वाले इन स्कूलों में छठी कक्षा से हॉस्टल की सुविधा मिलेगी। आधुनिक इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आइसीटी) लैब, ऑडिटोरियम, जिम, डिजिटल पुस्तकालय, इनडोर और आउटडोर खेलों के लिए मैदान तैयार किए जाएंगे। एक स्कूल बनाने के लिए करीब 45 से 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

पूर्व सरकार ने प्रदेश में 27 अटल आदर्श आवासीय स्कूल बनाने की अधिसूचना जारी की थी। पहले चरण में ऊना, नाचन और धर्मपुर में निर्माण कार्य शुरू किया गया। सिरमौर जिले में रेणुका जी, जुब्बल-कोटखाई, द्रंग, सोलन, रामपुर, चिंतपूर्णी, धर्मशाला, ज्वाली, बल्ह, देहरा, शाहपुर, हमीरपुर, झंडूता और अर्की में भी स्कूल बनना प्रस्तावित है।

अटल आदर्श आवासीय स्कूलों में शिक्षकों का अलग कैडर होगा। इन शिक्षकों को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। इन स्कूलों में जेबीटी, एनटीटी, टीजीटी, सीएंडवी, पीजीटी की भर्ती होगी। स्कूल प्रधानाचार्यों की भर्ती भी लोकसेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में तीन स्कूल शुरू करने की योजना है। शेष का निर्माण कार्य जारी है।
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