सरकार ने पांच साल में हिमाचल को स्लम फ्री करने का फैसला लिया है।
हिमाचल में गरीब लोगों के लिए आवास बनने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने राजीव आवास योजना के तहत इसके लिए पहले फेज में 19 करोड़ 17 लाख का प्रोजेक्ट मंजूर किया है। शहर में गरीब लोगों को 30 स्कवेयर मीटर में मकान मिलेगा। प्रति सेट में 165 रुपये खर्च किया जाएगा।
इसमें डेढ़ लाख रुपये की राशि केंद्र जबकि 15 फीसदी राशि प्रदेश सरकार वहन करेगी। दिल्ली में प्रदेश शहरी विकास विभाग और केंद्रीय अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। पहले चरण में शिमला, बद्दी और परवाणू को छोड़कर प्रदेश के अन्य शहरी गरीब लोगों के लिए यह आवास बनेंगे।
इन शहरों ने समय रहते सरकार को अपनी प्रपोजल नहीं भेजी थी। अभी 1077 आवास का निर्माण होगा। प्रति व्यक्ति को दो कमरों के साथ किचन और बाथरूम बनाकर दिए जाएंगे। दूसरे फेज में प्रदेश सरकार और भवन बनाने के लिए प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेजेगा।
सरकार ने 5 साल में हिमाचल को स्लम फ्री करने का फैसला लिया है। प्रदेश में जो भी लोग झुग्गी झोपड़ियों में रहते हैं, उन्हें सरकार राजीव गांधी आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाकर देंगे। शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने कहा कि बीते सप्ताह ही इस बारे दिल्ली में बैठक हुई थी।
इसमें केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश में हर गरीब व्यक्ति के पास अपना मकान होगा। केंद्र सरकार ने राजीव गांधी आवास योजना के तहत प्रदेश सरकार का प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है।