हिमाचल में 50 फीसदी से अधिक स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा की सुविधा
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल स्कूली बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहा है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 50 फीसदी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा लागू करने का लक्ष्य हिमाचल ने पूरा कर लिया है। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बाजार की मांग के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा मिले, जिससे स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद उनको रोजगार के पर्याप्त अवसर मिले।
राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल ने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए भी उत्कृष्ट कार्य किया है। इन बच्चों को व्यावसायिक कौशल सिखाकर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसे केंद्र सरकार ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी हिमाचल में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। हालांकि इसमें और सुधार की गुंजाइश है। आंध्र प्रदेश के संयुक्त निदेशक वी सुब्बाराव ने हिमाचल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।
इस बैठक में हिमाचल के मौजूदा शैक्षिक परिदृश्य और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की भी संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की गई। इस बैठक के दौरान समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारियों की ओर से निपुण भारत, आईसीटी शिक्षा, प्री प्राइमरी शिक्षा, समावेशी शिक्षा, लैंगिक समानता, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की शिक्षा, वोकेशनल शिक्षा, मादक पदार्थों के दुरुपयोग रोकने के कार्यों, स्कूली बच्चों के असेसमेंट व परख के लिए कराए जा रहे मॉक टेस्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों पर प्रस्तुति दी गई। इस बैठक में आंध्र प्रदेश के उप निदेशक शब्बीर मोहम्मद, हिमाचल समग्र शिक्षा के ज्वाइंट फाइनेंस कंट्रोलर बलबीर कुमार, समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी, स्टार्स प्रोजेक्ट के अधिकारी मौजूद रहे।