सरकारी स्कूलों में निशुल्क वितरित होने वाले बैग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फोटो और स्कूल बैग का मैरूनी रंग पर कांग्रेस नेता भड़क गए हैं। ‘अमर उजाला’ ने 25 सितंबर के अंक में स्कूल बैग के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। जिसके बाद प्रदेश भर में इन स्कूल थैलों का विरोध शुरू हो गया है। सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा, ऊना के विधायक सतपाल रायजादा और कांग्रेस पार्टी के राज्य प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार स्कूली वर्दी का रंग बदलने के बाद स्कूल बैग पर मोदी और जयराम के फोटो लगाकर घटिया राजनीति पर उतर आई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मोदी और जयराम के फोटो वाले बैग लेकर जब बच्चे स्कूल जाएंगे तो ऐसा लगेगा कि बच्चे स्कूल नहीं, बल्कि भाजपा की किसी रैली में भाग लेने जा रहे हैं। यही नहीं अगर प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव या उपचुनाव होंगे तो क्या ऐसे स्कूल थैले से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा। उस दौरान क्या बच्चों को नए बैग वितरित किए जाएंगे या स्कूलों में छुट्टियां कर दी जाएंगी। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा का भगवाकरण को भी अपना एजेंडा बना रखा है।
शिक्षा में गुणवत्ता लाने और प्रदेश में शिक्षा का नेटवर्क मजबूत करके स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के बजाए सरकार का ध्यान सिर्फ विद्यार्थियों का भगवाकरण करने की तरफ लगा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। खुद को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी साबित करने के चक्कर में भाजपा स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को भाजपा की सदस्यता लेने का अभियान छेड़ दे तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के चलते चुनाव आयोग को भी इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए। राजेंद्र राणा ने कहा कि स्कूलों के मेधावी विद्यार्थी अभी भी सरकार से लैपटॉप की बाट जोह रहे हैं लेकिन, विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री मोदी के फोटो युक्त थैले थमा कर भाजपा सरकार उन्हें बहलाने की कोशिश कर रही है।