गौरतलब है कि वर्ष 1998 से 2000 के दौरान नगर परिषद में सोलन में करीब 24 भर्तियां हुईं। उस समय बिंदल नगर परिषद अध्यक्ष थे। आरोप लगा था कि उन्होंने नियम दरकिनार कर चहेतों को नौकरी पर रखा।
बाद में कांग्रेस सत्ता में आई तो इस मामले पर जांच बिठाई गई। कांग्रेस ने डॉ. बिंदल के खिलाफ विजिलेंस में केस दर्ज करवाया, जिसकी अब पेशी चल रही है। मामले में बिंदल और उस समय सोलन के एडीएम रहे सुभाष चंद
कल्सोत्रा सहित कुल 27 लोगों को आरोपी बनाया गया, लेकिन अब मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. बिंदल का नाम वापस लेने के लिए सरकार ने कोर्ट में गुहार लगाई है। इसे लेकर अगली सुनवाई 24 नवंबर को रखी गई है।