शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान के बाद अब पद्मदेव परिसर पर धंसने का खतरा मंडराने लगा है। भारी बारिश से परिसर के ग्राउंड फ्लोर में जमीन धंस गई है। एक बड़ी दरार के कारण सीढ़ियां टूट गई हैं।
धंसते रिज से चंद कदम दूर स्थित नगर निगम के इस पद्मदेव परिसर में बिजली बोर्ड, एमसी के दफ्तर के अलावा अस्पताल, दर्जनों दुकानें और प्रेस क्लब भी चल रहे हैं। जमीन धंसने से बिजली बोर्ड के दफ्तर के पास खतरनाक दरार पड़ गई है। नगर निगम ने इसी साल यहां टाइलें लगाई थीं जो दरार पड़ने से टूट गईं हैं। हालत यह है कि नगर निगम की संपदा शाखा और एपी शाखा की तरफ जाने वाले सीढ़ियां परिसर से टूटकर अलग हो गईं हैं। धंसती जमीन से कर्मचारियों को भी डर सता रहा है। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सिंकिंग जोन का यह हिस्सा यदि धंसता है तो निचली ओर स्थित तिब्बती मार्केट पर संकट आ जाएगा।
उधर, रेलवे बोर्ड बिल्डिंग के समीप भूस्खलन होने से एक भवन को खतरा पैदा हो गया है। यदि और भूस्खलन होता है तो ऐतिहासिक रेलवे बिल्डिंग को खतरा पैदा हो सकता है। यहां पेड़ गिरने से रास्ता भी बंद है। वहीं, रिज मैदान पर मरम्मत के बावजूद दरारें खतरनाक हो गई हैं। धंसते रिज को बचाने के लिए लगाया डंगा खिसकने लगा है। नगर निगम ने सोमवार को इस जगह की मरम्मत करवाई थी लेकिन 24 घंटे में ही दरारें और खुल गईं। लक्कड़ बाजार सड़क पर बढ़ती दरारों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं लोअर बाजार टनल के तिब्बती मार्केट वाले हिस्से पर भी धंसाव हो रहा है।
भूस्खलन से तबाही जारी
खाली करवाए स्कूल-घर
रुल्दूभट्ठा में भूस्खलन से लोगों में दहशत
प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट किए मिडल स्कूल के बच्चे, कैथू पहुंची एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रुल्दूभट्ठा में पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन के कारण निचली ओर स्थित मिडल स्कूल खाली करवा दिया है। इंचार्ज किशोर ने बताया कि मिडल स्कूल के 13 बच्चों को साथ लगते प्राइमरी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है। रविवार को भूस्खलन के कारण मिडल स्कूल पर मलबा गिरा था। पहाड़ी से अभी भी स्कूल पर मलबा खिसक रहा है।
लक्कड़ बाजार से ईदगाह, रुल्दूभट्ठा जाने वाली सड़क भी दरारों के बाद बंद हो गई हैं। पेयजल लाइन भी टूट गई है। पार्षद संजीव ठाकुर ने बताया कि रास्ते को बहाल करवाया जा रहा है। लेकिन लगातार भूस्खलन से खतरा बरकरार है। कैथू में भी देर रात दस बजे भूस्खलन के कारण गुरु निवास और रामप्रताप कॉटेज पर खतरा मंडरा गया। पार्षद सुनील धर ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इन भवनों में रह रहे छह परिवारों को साथ लगते शिवमंदिर हॉल में शिफ्ट कर दिया। गुरु निवास पर रविवार को दो पेड़ भी गिरे थे। देररात भूस्खलन के कारण एक पेड़ घर पर छत पर ढह गया। वहीं, रामप्रताप कॉटेज की नींव खाली होने से इस मकान पर खतरा पैदा हो गया है। मंगलवार को एसडीएम शहरी नीरज चांदला ने मौके का दौरा किया और खतरनाक पेड़ों को कटवा दिया। एसडीएम के अनुसार मौके पर एक ठेकेदार डंगा लगा रहा था जिसके अचानक ढहने के कारण यह हादसा हुआ। कहा कि निगम के अर्किटेक्ट प्लानर को तुरंत इसकी तकनीकी रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि कार्रवाई की जा सके।