नाचन की ग्राम पंचायत काशन के गांव झड़ोंन में प्रधान खेमसिंह के घर ऐसा पहाड़ गिरा कि पूरा परिवार सदा के लिए सो गया। सबसे पहले खेमसिंह के भाई झाबेराम की पत्नी और दो बच्चे मृत मिले। राहतकर्मियों ने मां से लिपटे बच्चों के शव जैसे ही मलबे से बाहर निकाले, तो लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद खेम सिंह, उनकी पत्नी, दो बेटों और ससुर का शव निकाला गया। खेम सिंह का भाई झाबे राम कुल्लू आैर माता-पिता सराज गए थे, इसलिए वे बच गए। परिवार के 8 लोगों की अर्थियां एक साथ उठीं।
अंग्रेजों के जमाने का रेलवे पुल ढहा
कांगड़ा में चक्की खड्ड पर 1929 में अंग्रेजों के बनाए रेलवे पुल के तीन पिलर पूरी तरह ढह गए। तीन एनएच बंद होेने से सैकड़ों यात्री देर रात से गाड़ियों में ही भूखे-प्यासे फंसे रहे।
मृतकों में दो नोएडा-गाजियाबाद के
ठियोग में माईपुल मंदिर के पास कार पर चट्टानें गिरने से नोएडा और गाजियाबाद के दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नोएडा के गांव सलारपुर सेक्टर-81 निवासी उमेशचंद भाटी और गाजियाबाद के कणोली निवासी पिंकू शामिल हैं। चालक रवींद्र सिंह और दीपक हादसे में घायल हैं।
सलाह...मौसम की जानकारी लेकर आएं सैलानी
भारी बारिश को देखते हुए राज्य पर्यटन विभाग ने सैलानियों से मौसम की जानकारी लेने के बाद ही आने की अपील की है। हिमाचल में मौजूद सैलानियों से नदी-नालों के समीप न जाने व सड़कों के बारे में पता करके ही निकलने को कहा गया है।
उत्तराखंड में कई गांवों की सड़कें और संपर्क मार्ग टूटे
उत्तराखंड में हादसों में एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। 12 लापता हैं। चार लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सौंग नदी पर बने रायपुर-थानो पुल की एप्रोच सड़क का 40 मीटर हिस्सा नदी में समा गया। कई गांवों की सड़कें और संपर्क मार्ग टूट गए हैं। जगह-जगह मलबा व चट्टानें आने से तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 250 सड़कें बंद हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में बिजली व पानी की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।