सर्कुलर रोड, खलीनी और बीसीएस में भी भूस्खलन
भूस्खलन से दोपहर तक बाधित रहा शहर में यातायात
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में देर रात से लेकर मंगलवार तड़के सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। भूस्खलन और पेड़ गिरने से शहर में दस गाड़ियां मलबे में दब गईं। सर्कुलर रोड और खलीनी पंथाघाटी बाईपास समेत शहर की कई सड़कें दोपहर तक बंद रहीं।
शहर के हिमलैंड, टुटीकंडी, पंथाघाटी, पीएनटी कालोनी और बीसीएस क्षेत्र में बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास देर रात 2:00 बजे पहाड़ी दरकने से इसका मलबा फुटपाथ तोड़ते हुए निचली ओर शिवपुरी सड़क तक पहुंच गया। यहां सड़क किनारे कई गाड़ियां खड़ी थीं। चार गाड़ियां यहीं सड़क पर मलबे में दब गईं। वहीं दो गाड़ियां इस मलबे के साथ निचली ओर शिवपुरी सड़क पर पहुंच गईं। मौके पर फुटपाथ भी टूट गया। मलबे के साथ गिरा एक पेड़ साथ लगते मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। इसे सुबह काटकर बाहर निकाला गया।
पहाड़ी से आया मलबा किचन और बाथरूम में घुस गया। यहां दो मकानों को खाली करवा दिया है। सुबह 9:00 बजे तक यह सड़क यातायात के लिए बंद रही। बाद में छोटी गाड़ियों के लिए इसे खोला गया। बसों की आवाजाही दोपहर बाद जाकर यहां सुचारू हो पाई। बीसीएस क्षेत्र में तारा माता मंदिर के पास पेड़ गिरने और भूस्खलन से एनएच बंद हो गया। पार्षद आशा शर्मा के अनुसार यहां एक गाड़ी मलबे में दब गई जबकि पेड़ गिरने से दो अन्य कारों को भी नुकसान पहुंचा है। सुबह 10:00 बजे तक इस सड़क को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया।
टुटीकंडी के पांजड़ी, बंगाली बगीचा में नुकसान
टुटीकंडी के बंगाली बगीचा में भूस्खलन से एक मकान को खतरा पैदा हो गया है। यहां एक संपर्क सड़क भी पूरी तरह से टूट गई है। बिजली के खंभे गिर गए। वार्ड के पांजड़ी में नाले का मलबा पार्किंग में भर गया। इससे एक कार के शीशे तक टूट गए। पांजड़ी में इस मानसून सीजन के दौरान तीसरी बार नुकसान हुआ है। सुबह लोगों को मलबे के बीच से गाड़ियां निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। वार्ड पार्षद एवं उप महापौर उमा कौशल के अनुसार शांडिल निवास के पास भी भूस्खलन से सड़क बंद हो गई। इसे दोपहर बाद बहाल कर दिया गया।
पीएनटी काॅलोनी की सड़क टूटी, होटल में घुसा मलबा
मालरोड से सटी पीएनटी कालोनी में सुबह करीब 3:00 बजे भारी भूस्खलन हो गया। कालोनी की सड़क टूट गई और पहाड़ी का मलबा निचली ओर लक्कड़ बाजार सड़क तक पहुंच गया। यहां एक होटल में भी खिड़की और दीवार तोड़कर मलबा अंदर कमरों में भर गया। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। पार्षद सरोज ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर पैदल रास्ते से मलबा हटवाया। कहा कि यहां एक पेयजल लाइन में भी लीकेज है। कई बार इसे दुरुस्त करने को कहा है लेकिन कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की। मौके पर दो पेड़ भी खतरा बन गए हैं। वार्ड में 12 घर की लाइन के पास भूस्खलन से नुकसान हुआ है। कुफ्टाधार स्कूल के कई कमरों में पानी भर गया।
उपनगरों में भी बारिश से नुकसान
भट्ठाकुफर में नाले का बहाव बढ़ने से मलबा सड़क पर आ गया। इससे काफी देर तक सुबह यातायात भी बाधित रहा। कृष्णानगर में लालपानी के पास नाले का मलबा सड़क पर आने से यातायात ठप रहा। मज्याठ में एक मकान के परिसर में लगा डंगा ढह गया।