जन शताब्दी ट्रेन को जब्त करने के बहुचर्चित केस को लेकर रेलवे ने किसानों का ब्याज सहित मुआवजा जमा करवा दिया है। किसान मेला राम और मदन लाल को इंसाफ मिल गया है। रेलवे ने वीरवार को ब्याज सहित लगभग 6.27 लाख रुपये की राशि प्रभावित किसानों को अदालत में दी।
मेला राम को एक लाख 57 हजार 572 रुपये और मदन लाल को 4 लाख 69 हजार 449 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट के समक्ष दिया। अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि रेलवे ने ब्याज सहित प्रभावितों की राशि जमा करवा करा दी है।
1998 में नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए चुरुड़ू एवं दियाड़ा निवासी मदन लाल और मेला राम की भूमि रेलवे ने अधिग्रहित की थी। किसानों ने मुआवजे के रूप में कम पैसा मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। 2011 में ऊना की अदालत ने भूमि मालिकों के हक में फैसला सुनाते हुए रेलवे को बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को देने के आदेश सुनाए।
फैसले के खिलाफ रेलवे ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी। 2013 में हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह के बीच मुआवजे की राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे, जिसे रेलवे ने पूरा नहीं किया और भूमि मालिकों ने दोबारा ऊना की एडीजे की अदालत में केस किया। अदालत ने 9 अप्रैल को जन शताब्दी ट्रेन को 16 अप्रैल तक जब्त करने के आदेश दिए और बाद में चुरुडू रेलवे स्टेशन को जब्त करने के आदेश दिए थे।