समरहिल रेलवे स्टेशन पर उन्होंने दूसरी ओर से पहुंची ट्रेन के यात्रियों से बातचीत की और कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को और अधिक आकर्षक बनाने को सुझाव भी मांगे। करीब 1:45 बजे रेल मंत्री समरहिल से डीजल इंजन के साथ जोड़े गए शिवालिक एक्सप्रेस के कोच में बैठ कर शिमला रेलवे स्टेशन लौटे।
यहां उन्होंने कुलियों से भी बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ‘आप लोगों के सहयोग से ही देश में रेल दौड़ पा रही है।’ शिमला रेलवे स्टेशन से रवाना होते हुए गोयल ने रेलवे स्टाफ को ‘ऑल द बेस्ट’ कह कर शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर रेलवे के डीआरएम डीसी शर्मा, सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़, शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक प्रिंस सेठी, वरिष्ठ वाणिज्य निरीक्षक अमर सिंह ठाकुर सहित डिवीजन के सभी विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
रेल मंत्री पीयूष गोयल रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद सीधे कालीबाड़ी मंदिर गए। यहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक दुर्गा स्तुति की। इस दौरान भारी संख्या में भक्तों का हुजूम मंदिर में उमड़ पड़ा। युवाओं ने पीयूष गोयल के साथ सेल्फी भी लीं।
पहली बार किया स्टीम इंजन का सफर- रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने पहली बार स्टीम इंजन का सफर किया है। यह उनके लिए कमाल का अनुभव रहा है। बकौल गोयल स्टीम इंजन का सफर कर खुद को प्रकृति के बेहद करीब महसूस कर रहा हूं।
बाबा भलखू रेल संग्रहालय तक चलेगी रेल- रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि शिमला में रेलवे द्वारा बनाए गए बाबा भलखू रेल संग्रहालय तक ट्रेन चलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐतिहासिक स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना शिमला रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार होगा।
ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करते हुए रेलवे स्टेशन के पुराने स्वरूप को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा। गोयल शिमला में निजी दौरे पर आए हैं। उन्होंने कुछ समय निकालकर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया और बाद में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में रेल विस्तार की जानकारी दी।
कालका से शिमला तक टॉय ट्रेन छह घंटे की जगह मात्र तीन घंटे में पहुंचेगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बाबत रेलवे के अफसरों को संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। निजी दौरे पर शिमला पहुंचे रेल मंत्री ने शनिवार को कहा कि कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली गाड़ियों का समय आधा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। अफसराें को छह माह में प्रस्ताव तैयार कर सौंपने को कहा गया है।
उन्होंने कुछ समय निकालकर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया और बाद में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में रेल विस्तार की जानकारी दी। रेल मंत्री ने कहा कि शिमला-कालका हेरिटेज ट्रैक पर अतिरिक्त गाड़ियां चलाने, गाड़ियों के कोच बढ़ाने और सुविधाजनक कोच से लैस गाड़ियों के परिचालन की व्यवस्था की जाएगी। कालका- शिमला ट्रैक पर कम शोर वाली डीएमयू (डीजल लोकोमोटिव यूनिट) चलने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिकारियों को छह महीने का समय दिया गया है। रेल मंत्री ने कहा कि कालका-शिमला ट्रैक पर सेवा विस्तार में पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बीते चार साल में केंद्र सरकार ने रेलवे में अभूतपूर्व निवेश किया है। रेल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट में ढाई गुना बढ़ोतरी की गई है। मोदी सरकार ने जो वादा किया, उसे मिशन की तरह पूरा किया जा रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि हिमाचल में रेल विस्तार की संभावनाएं तो हैं लेकिन पहाड़ों में भूमि अधिग्रहण बड़ी समस्या है। रेल विस्तार के लिए प्रतिबद्ध सरकार को जमीन की जरूरत है, जबकि हिमाचल में जमीन जुटाना आसान काम नहीं है।
बाबा भलखू रेल संग्रहालय तक चलेगी रेल- रेल मंत्री गोयल ने कहा कि शिमला में रेलवे की ओर से बनाए गए बाबा भलखू रेल संग्रहालय तक ट्रेन चलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐतिहासिक स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना शिमला रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार होगा। ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करते हुए रेलवे स्टेशन के पुराने स्वरूप को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा।