केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग (सीजीएसटी) की टीम ने उप आयुक्त वरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में कालाअंब की एक धागा मिल में छापा मारा। इस दौरान करोड़ों रुपये के फर्जी कंपनी के बिल पकड़े गए। इस पर कंपनी ने सात करोड़ के इनपुट क्रेडिट टैक्स का फायदा लिया है। यह अभी तक की जांच में पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह और भी ज्यादा हो सकता है जो जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा।
सीजीएसटी के आयुक्त एचपी नेगी के आदेश पर परवाणू के उप आयुक्त वरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने कालाअंब स्थित सरस्वती स्पिनिंग एंड विविंग मिल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कंपनी में दिल्ली की एक फर्जी कंपनी के 235 करोड़ के बिल पाए गए। कंपनी ने इन बिलों के आधार पर सात करोड़ इनपुट क्रेडिट टैक्स का फायदा लिया। जांच में पाया गया कि दिल्ली में इस नाम की कोई कंपनी नहीं है।
स्पिनिंग मिल के चार पार्टनर हैं जिसमें एक पार्टनर ने यह माना कि उसने दिल्ली की उक्त कंपनी के साथ कभी भी संपर्क नहीं किया है जिससे फर्जी बिल होने का सुबूत मिला है। अब तक कंपनी के चार पार्टनर को समन जारी हो चुके हैं। जांच टीम ने कंपनी से स्पिनिंग मिल के खिलाफ सीजीएटी एक्ट 2017 की धारा 70 के तहत कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कंपनी से मौके पर ही 27.14 लाख रुपये टैक्स वसूला है जिसमें उसने 23 लाख आईटीसी से दिया है और 4.14 लाख टैक्स का भुगतान नकद राशि में किया गया। नेगी ने बताया कि जांच दल में दो अधीक्षक, तीन निरीक्षक और एक हवलदार शामिल था। स्पिनिंग मिल ने दिल्ली की एक फर्जी कंपनी के बिल के माध्यम से टैक्स चोरी की है जबकि यह कंपनी दिल्ली में कहीं पर नहीं है। उन्होंने बताया कि सरस्वती स्पिनिंग मिल के एक पार्टनर ने इस बात को कबूला भी है कि उसके उक्त कंपनी से कभी भी संपर्क नहीं हुआ है।