हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में ऑरिसन फार्मा इंटरनेशनल दवा कंपनी में छापा मारकर पुलिस ने 30,10,015 नशीले कैप्सूल पकड़े हैं। इस कंपनी में मुंबई और गुजरात की फर्जी कंपनियों के नाम पर यह गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस ने कंपनी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पंजाब पुलिस भी हाल ही में इसी कंपनी की ओर से जाली मार्केटिंग कंपनी के लिए तैयार की गई दवाइयों की खेप जब्त कर चुकी है।
पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में पाया गया है कि फार्मा उद्योग मुंबई की पीपी फार्मा ए-1 पार्क प्लाजा बांद्रा और गुजरात के साहिबाबाग अहमदाबाद की कंपनियों के लिए प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का उत्पादन किया जा रहा था। लेकिन यह दोनों ही कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। पंजाब पुलिस ने इसी कंपनी द्वारा ऐसी जाली मार्केटिंग कंपनी के लिए तैयार की गई दवाइयों की खेप जब्त की थी। पुलिस के अनुसार ऑरिसन फार्मा इंटरनेशनल कंपनी का मालिक षड्यंत्र रचकर प्रतिबंधित दवाइयों का उत्पादन कर अन्य राज्यों में बेच रहा था।
पुलिस ने कालाअंब थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 29 और आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। मामले में संलिप्त दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी से नशीले कैप्सूलों के अलावा 226.140 किलोग्राम थर्माडोल का कच्चा माल भी बरामद किया गया है।