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रघुनाथ चोरीः सच साबित हुई देवताओं की ये भविष्यवाणी

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आपको शायद ये जानकर यकीन न हो लेकिन ये सच है। देवी देवताओं ने जो भविष्यवाणी की थी वो सच साबित हुई। भगवान रघुनाथ कुल्लू से बाहर नहीं गए थे। हिमाचल के कुल्लू से चोरी हुई भगवान रघुनाथ की मूर्ति को लेकर बीते सवा माह तक लोगों द्वारा कई तरह के कयास लगाए गए।
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लेकिन, जिला देवी देवताओं द्वारा की गई भविष्यवाणी सच हुई। ऐसे में देवी-देवताओं पर लोगों की आस्था और भी गहरी हो गई है। देवी देवताओं ने चोरी की इस वारदात के बाद भविष्यवाणी की थी कि भगवान रघुनाथ को चोर हिमाचल से बाहर नहीं ले जा सके हैं।

उस समय पुलिस को इस पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन अब जब चोर पकड़े गए तो उन्होंने बताया कि आखिर ये मूर्तियां कहां दफनाई गई है। बरामद की मुर्तियों के बाद अब सभी लोग देवताओं के पूजन अनुष्ठान में जुट गए हैं।
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यहां मिली मूर्तियां

नौ दिसंबर रात को हुई इस चोरी की वारदात के अगले दिन जिला के देवी देवताओं ने भविष्यवाणी की थी कि भगवान रघुनाथ जिला से बाहर नहीं गए हैं, जो बिल्कुल सच साबित हुई है। भगवान रघुनाथ की मूर्ति जहां कुल्लू जिला की सीमा बजौरा स्थित हाउसिंग कलोनी से बरामद की तो वहीं अन्य मूर्तियां भी बजौरा व ब्यासामोड़ पर मिली हैं।

चेरी के अगले दिन 10 दिसंबर को देवी चामुंडा, त्रिपुरा सुंदरी नग्गर, नार सिंह देवता, जमूल ऋषि व नारद देवता सहित कई अन्य देवी-देवताओं ने भगवान रघुनाथ के मंदिर में ही अपने गूर के माध्यम से यह स्टीक भविष्यवाणी की थी।

इन देवी- देवताओं ने कुल्लू के लोगों को भरोसा दिलाया था कि इस विपदा की घड़ी से कुल्लू के लोग जल्द बाहर निकलेंगे। उधर, भगवान रघुनाथ की मूर्ति मिलने पर कुल्लू जिला देवी देवता कारदार संघ ने खुशी जाहिर करते हुए जिला की तमाम जनता को बधाई दी है।

मिले म्हारे ठाकर महाराज, कुल्लू में जश्न

करीब सवा माह पहले चोरी हुईं भगवान रघुनाथ समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों के मिलने की सूचना मिलते ही लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। शुक्रवार देर शाम मूर्तियां मिलने की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई।

कड़ाके की ठंड के बीच जिला मुख्यालय तथा इसके आसपास के लोग ब्यासमोड़ और बजौरा की ओर भाग पड़े। यहां पहुंच कर जहां लोगों की आंखों से खुशी के आंसू टपक पड़े तो वहीं, भगवान रघुनाथ की मूर्ति मिलने के लिए दोनों हाथ जोड़ कर लोग दुआ करते रहे।

उधर, जिला भर में मूर्तियों के मिलने की सूचना से लोगों में जश्न जैसा माहौल है। ब्यासामोड़ और बजौरा की हाउसिंग कालोनी के पास उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस को यहां कड़ा पहरा बैठाना पड़ा। गत नौ दिसंबर 2014 को जिला मुख्यालय ढालुपर के रघुनाथपुर स्थित भगवान रघुनाथ के मंदिर से चोरी हुई भगवान रघुनाथ तथा अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों से पूरी घाटी गमगीन थी।

शान से निकलेगी रघुनाथ की यात्रा

भगवान रघुनाथ की मूर्ति मिलने के बाद शनिवार को वसंत पंचमी का पर्व बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिला मुख्यालय ढालपुर में मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर अब घाटी के लोगों में खासा उत्साह है। पहले श्रघुनाथ की मूर्ति चोरी होने के कारण इस बार मूर्ति की जगह पर अंगूठी और अन्य यंत्र को सुशोभित किया जाना था।

इसके लिए तमाम तैयारियां प्रशासन और देवलुओं ने पूरी कर ली थीं। वसंत उत्सव को लेकर सभी पसोपेश में थे, मगर रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने वसंत पंचमी मनाने का ऐलान देव परंपरा के अनुसार किया और रघुनाथ की मूर्ति के स्थान पर प्रतीक चिन्ह मुद्रिका (अंगूठी)और अन्य यंत्र रथ यात्रा में रखने की बात कही थी।

लेकिन भगवान रघुनाथ की मूर्ति मिलने के बाद शनिवार को ऐतिहासिक मैदान ढालपुर में वसंत पंचमी का आगाज पूर्व की तरह होगा, लेकिन इस बार पहले से कई बेहतर होने की उम्मीद है। बता दें कि वसंत पंचमी के साथ ही कुल्लू जनपद में मेलों का आगमन हो जाएगा। वसंत के साथ ही नई उर्जा का संचार प्रकृति के तौर पर उगने वाली फसलों और पौधों में शुरू हो जाता है।
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लोग मना रहे उत्सव

भगवान रघुनाथ व अन्य देवी देवताओं की मूर्ति मिलने के बाद पूरे जिला में खुशी की लहर है। शुक्रवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे जैसे भगवान रघुनाथ की मूर्ति मिलने की सूचना लोगों को मिली तो चारों ओर पटाखे व अतिशबाजी छोड़ी गई।

रघुनाथ समेत अन्य चोरी की गई मूर्तियों के मिलने से कुल्लू जिले में जश्न जैसा माहौल बन गया। खास बात यह रही कि ये मूर्तियां वसंत पंचमी पर्व के ठीक पहले मिल गईं। रघुनाथ में अटूट आस्‍था रखने वाले हजारों लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उधर, मूर्तियां मिलने से पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
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