अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में विजय हजारे क्रिकेट ट्रॉफी में हिमाचल और त्रिपुरा के बीच होने वाले पहले मैच से पहले विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व में हिमाचल की टीम से खेल चुके अर्जुन शर्मा के पिता प्रवीण शर्मा ने न केवल एचपीसीए की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। बल्कि एचपीसीए को वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भी जारी किया है।
इतना ही नहीं प्रवीण शर्मा ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को भी इसकी लिखित शिकायत भेजी है।एचपीसीए को जारी लीगल नोटिस के माध्यम से सवाल खड़ा किया गया है कि जब प्रदेश के पास अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं। ऐसे में बाहर से टीम में खिलाड़ी शामिल करने का कोई औचित्य नहीं।
अनुराग ठाकुर को भेजी शिकायत में बताया गया है कि अर्जुन शर्मा 2010 से हिमाचल की टीम से विभिन्न आयु वर्ग में खेल चुके हैं। अंडर-23 कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी भी खेल चुके हैं। उनके प्रदर्शन के आधार पर ही रणजी मैचों से पूर्व कैंप के लिए उनका चयन हुआ था, लेकिन, बाद में टीम में उनका नाम शामिल नहीं हुआ।
उनसे कम प्रदर्शन वाले खिलाड़ी का चयन टीम में हो गया है। उधर, एचपीसीए के प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि उन्हें अभी किसी प्रकार का कोई नोटिस और शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर इस पर विचार किया जाएगा।
एचपीसीए की फेयर बेनेफिट के लिए जाना जाता है। कांगड़ा के ज्वालामुखी से संबंध रखने वाले अर्जुन शर्मा अब तक हिमाचल टीम से कुल 13 मैच खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 488 रन बनाए हैं, जबकि 55 विकेट लिए हैं।