फार्मा हब के रूप में विख्यात प्रदेश के उद्योगों में निर्मित होने वाली दवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उद्योगों में निर्मित होने वाली दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर पा रही हैं। साल 2019 में प्रदेश के उद्योगों में बनी 100 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। इनमें जनवरी माह में देशभर की फेल हुई 45 दवाओं में हिमाचल की 14 दवा, फरवरी माह में देशभर की 37 दवाओं में 13, मार्च माह में देशभर की 50 में से 19, अप्रैल माह में 29 में से 6, मई माह में 33 में से 8, जून माह में 25 में से 7, जुलाई माह में 18 में से एक, अगस्त माह में 28 में से 6, सितंबर माह में 21 में से 3, अक्टूबर माह में 35 में से 13, नवंबर माह में 37 में से 6 और दिसंबर माह में 47 में से 14 दवाएं शामिल है। वर्ष 2018 में देशभर में फेल हुई 350 दवाओं में से हिमाचल की 100 से अधिक दवाएं शामिल रहीं। 2020 के जनवरी माह में देशभर में लिए गए सैंपलों में से फेल हुई 34 दवाओं में सूबे के उद्योगों की चार दवाएं फेल हो गए हैं।