धर्मशाला में सेना के बिग्रेडियर के खिलाफ पर्चे बंटने के मामले में आईएसआई का नाम सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। सेना को शक है कि अफसर की छवि और सेना का मनोबल गिराने के लिए हो सकता है कि आईएसआई ने ऐसी साजिश रची हो।
लेकिन, आईएसआई का नाम सामने आने के बाद धर्मशाला में सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। पहला सवाल यह कि अगर यह कारनामा किसी आईएसआई एजेंट का है तो किसी भी सुरक्षा एजेंसी को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
जबकि धर्मशाला में रॉ, आईबी, सीआईडी और आर्मी इंटेलिजेंस जैसी गुप्तचर एजेंसियां काम कर रही हैं। यही नहीं, आईएसआई के एजेंट धर्मशाला में कितने समय से जासूसी कर राष्ट्रीय अस्मिता को खतरा पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।