कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी तय है। भले ही राहुल को पार्टी की कमान मिलने से पहले हिमाचल विधानसभा के लिए मतदान हो चुका है, लेकिन 18 दिसंबर को आने वाले चुनावी नतीजे उनका बतौर अध्यक्ष पहला इम्तिहान साबित होगा।
ये अलग बात है कि गुजरात में उनकी कई चुनावी जनसभाओं के मुकाबले हिमाचल में केवल एक दिन के लिए प्रचार करने पहुंचे। उधर, राहुल के नाम का प्रस्ताव करने के लिए हिमाचल कांग्रेस के नेता प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू की अगुवाई में नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में पहुंचे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव कार्यक्रम जारी होने से पहले राहुल गांधी ने मंडी में जनसभा कर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को चुनावी कमान सौंपने का एलान किया था। राहुल के इस दांव से कांग्रेस में खेमेबाजी पर विराम लग गया।
गुजरात में व्यस्तता के चलते राहुल हिमाचल को उतना समय नहीं दे पाए। प्रचार के आखिरी दिन उन्होंने ताबड़तोड़ तीन जनसभाएं कीं, जबकि पीएम मोदी ने हिमाचल में सात जनसभाएं कीं। हिमाचल में मतदान के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम जारी किया।
गुजरात में चुनाव अभी चल रहा है, जबकि नतीजे हिमाचल के साथ आने हैं। इन दोनों राज्यों के परिणाम राहुल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पार्टी भले उनकी आधिकारिक ताजपोशी नतीजों के बाद करे, लेकिन जीत-हार उनके खाते में दर्ज मानी जाएगी।