हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान तीन विधायक सरकार के जवाब से असंतुष्ट दिखे। माकपा विधायक राकेश सिंघा बोले, पेंशन का रिकॉर्ड ऑनलाइन है। फिर भी जानकारी एकत्र करने का बहाना बनाया जा रहा है। निर्दलिय विधायक होशियार सिंह ने सीमेंट बैग की ढुलाई प्रक्रिया लंबी होने से रेट बढ़ने की बात कहते हुए उद्योग मंत्री की जगह जवाब दे रहे पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर से काफी तर्क-वितर्क किया। भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने ज्वाली के समलाना में निर्माणाधीन उद्योग में देरी का मामला उठाया।
विधायक होशियार सिंह ने कहा कि डंप यार्ड के चलते सीमेंट बैग की कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार की ओर से दिया गया जवाब पूरी तरह गलत है। कहा कि उद्योग से डंप यार्ड, डंप यार्ड से होल सेलर फिर होल सेलर से रिटेलर तक सीमेंट ढुलाई की लंबी प्रक्रिया के चलते दाम बढ़ रहे हैं। मैं यह सिद्ध भी कर सकता हूं। मंत्री वीरेंद्र कंवर बोले - प्रदेश में तीन सीमेंट कंपनियों के 17 डंप यार्ड हैं। ये स्टोर की तरह काम करते हैं। इससे कीमत बढ़ने का कोई संबंध नहीं है। सीमेंट की कीमत बाजार तय करता है।
माकपा विधायक ने पेंशनरों से जुड़ी जानकारी नहीं देने पर नाराजगी जताई। कहा कि सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन है। फिर भी जानकारी जुटाने की बात कही जा रही है। स्पष्ट करना चाहिए कि इस देरी के लिए प्रशासनिक, राजनीतिक और वित्तीय में से कौन सा कारण जिम्मेदार है। भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने ज्वाली के समलाना में निर्माणाधीन उद्योग में देरी पर असंतुष्टि जताई। कहा कि वर्ष 2002 में उद्योग को भूमि दी गई। अभी तक भवन निर्माण ही चल रहा है। मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि 31 अक्तूबर 2021 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।