तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि धार्मिक बनने के लिए मन को शुद्ध करने की आवश्यकता है। मन तभी शुद्ध होगा, जब हम अपने अंदर के गलत विचारों को नष्ट कर बोधित्व को प्राप्त करें। शुक्रवार को धर्मगुरु दलाईलामा की उपस्थिति में मैक्लोडगंज में बोधिचित समारोह का आयोजन किया गया। कोरोना के चलते उन्होंने अपने निवास से पूर्णिमा के अवसर पर गौतम बुद्ध की शिक्षाएं दीं।