पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान घायल हुए ईसपुर गांव के जांबाज दविंद्र का मिल्ट्री अस्पताल चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। रविवार को परिवार के सदस्यों ने दविंद्र से मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना। दविंद्र के पिता रामचंद, उनकी पत्नी कंचन के साथ भाभी सुदेश कुमारी एवं भाई राकेश शामिल थे।
बेटे दविंद्र को देखकर पिता भावुक हो गए। पिता राम चंद ने बेटे को शाबाशी दी कि उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए जान की भी परवाह न करते हुए दुश्मनों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई। बेटे ने परिवार एवं प्रदेश का पूरे देश में नाम ऊंचा किया है। उन्हें दविंद्र पर गर्व है।
उधर, लगभग तीन महीने पहले दविंद्र के साथ शादी के बंधन में बंधी कंचन भी भावुक हो गईं। उनकी भाभी सुदेश ने भी देवर दविंद्र को जल्दी स्वस्थ होकर घर वापस आने के लिए शुभकामनाएं दीं। परिजनों ने बताया कि लाला वाले पीर की कृपा से दविंद्र इस हादसे से बच गए हैं।
उन्होंने बताया कि दविंद्र हर वीरवार को व्रत रखते हैं। सभी लोगों की दुआओं का असर है कि दविंद्र की हालत में सुधार हो रहा है। पुलवामा आतंकी मुठभेड़ के दौरान ईसपुर के दविंद्र को गोली हेल्मेट से लगकर गोली उनकी आंख में लगी थी। इससे देवेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए। इनका चंडीगढ़ मिल्ट्री अस्पताल में उपचारी जारी है।