24 घंटों में वैकल्पिक मार्ग बनाया।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के हरदासपुरा-साहो मार्ग पर सरोथा नाले में 24 घंटों में वैकल्पिक सड़क तैयार कर दी गई है। इससे वहां फंसे वाहनों को निकाल दिया गया है। गौरतलब है कि गत दिवस भूस्खलन से करीब 100 मीटर सड़क धंस गई थी। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। मार्ग पर भूस्खलन की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने अपनी मशीनरी से धंसी हुई सड़क के साथ वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य आरंभ करवा दिया। 24 घंटों के भीतर डेढ़ सौ मीटर नई सड़क का निर्माण करके फंसे हुए वाहनों को वहां से निकाला गया। सरोथा नाले में वाहनों की आवाजाही बंद होने से बालू या हरदासपुरा से वाया सरोथा नाला होकर जाने वाले वाहन सड़क धंसने की वजह से वाया जुलाहकड़ी होकर जा रहे थे।
इससे वहां ट्रैफिक जाम की समस्या भी हो रही थी। भरमौर और होली की तरफ जाने वाले माल वाहक वाहनों को वाया सरोथा नाला होकर ही जाना पड़ता था। शहर के बीच से जाने के लिए इन वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। भरमौर में जहां लूणा पुल को बनाने में 20 से अधिक दिन लग गए। होली में चौली पुल अभी तक नहीं बन पाया है। ऐसे में चंबा मंडल में 100 मीटर धंसी सड़क की जगह विभाग ने 24 घंटों में ही वैकल्पिक मार्ग बनाकर अपनी सक्रियता का प्रमाण दिया है। इसको लेकर लोग विभाग की तारीफ भी कर रहे हैं।
मंगलवार सायं चार बजे वैकल्पिक मार्ग के निर्माण कार्य के दौरान अचानक फिर से पहाड़ का एक हिस्सा टनों के हिसाब से मलबे के साथ सड़क पर गिर गया अन्यथा लोक निर्माण विभाग सायं पांच बजे तक मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने के लक्ष्य को लेकर चला हुआ था। बहरहाल भूस्खलन के बाद एक बार फिर से मोर्चा संभालते हुए विभाग ने वैकल्पिक मार्ग पुन: तैयार कर देररात वाहनों की आवाजाही के लिए सुुचारु करवाकर लोगों को राहत प्रदान की। लोक निमार्ण विभाग के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि सरोथा नाला में भूस्खलन से जो सड़क धंस गई थी, उसके साथ ही वैकल्पिक मार्ग बनाकर वाहनों की आवाजाही को सुचारु कर दिया गया है।