जेई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी
जानकारी के अनुसार एक ठेकेदार ने विजिलेंस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका करीब 1.50 लाख रुपये का लंबित बिल पास कराने के बदले संबंधित जेई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 8 हजार रुपये देने को कहा था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस ने ट्रैप की योजना तैयार की। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे डीएसपी विजिलेंस फिरोज खान के नेतृत्व में टीम ने विभागीय कार्यालय में जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ठेकेदार रिश्वत की राशि लेकर कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई ने 8 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर कब्जे में ले ली गई। इसके साथ ही कार्यालय से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं।
अंब स्थित घर पर भी की गई तलाशी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी जेई के अंब उपमंडल की लोहारा ग्राम पंचायत स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। फिलहाल आरोपी विजिलेंस की हिरासत में है और उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
मार्च 2027 में होना था सेवानिवृत्त
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी जेई की सेवानिवृत्ति मार्च 2027 में प्रस्तावित थी। विजिलेंस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि रिश्वतखोरी के नेटवर्क या अन्य संभावित मामलों का भी पता लगाया जा सके। डीएसपी विजिलेंस फिरोज खान ने कहा कि शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई सफलतापूर्वक की गई है। मामले की गहन जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।