तेलंगाना के हैदराबाद में जानवरों की डॉक्टर से दुष्कर्म मामले के आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत की खबर फैलने के साथ ही हिमाचल में फिर से गुड़िया और उसके परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग उठ गई है। सोशल मीडिया पर एक ओर प्रदेश भर के लोगों ने तेलंगाना व हैदराबाद पुलिस की तारीफ की। वहीं सवाल भी उठाया कि आखिर कोटखाई की गुड़िया को इंसाफ कब मिलेगा?
लोगों का कहना था कि शुरुआत में ही पुलिस ने अपनी जांच में गड़बड़ी की। इस वजह से आज तक उसके साथ दरिंदगी करने वाले असली दरिंदे आजाद घूम रहे हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से जरूरी कदम उठाने की मांग की। दिनभर फेसबुक और ट्विटर पर प्रदेश के लोग अपनी नाराजगी हैदराबाद पुलिस की तारीफ करते दिखे।
बता दें, साल 2017 में कोटखाई में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड मामले की जांच करने वाली हिमाचल पुलिस की थ्योरी तब पलट गई थी, जब सीबीआई ने अपनी जांच में मामले से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में एक आईजी समेत नौ पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गुड़िया मामले में सीबीआई ने सिर्फ एक चरानी को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसकी जांच पर भी सवाल उठने लगे।
आम लोगों और खुद गुड़िया के परिजनों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तक से मुलाकात कर सीबीआई जांच पर असंतोष जताते हुए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। हालांकि, सरकार ने अभी तक उस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है, बल्कि सूरज हत्याकांड के आरोपी अधिकारियों को बहाल कर उन्हें नई तैनाती भी दे दी है।