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हजारों शिक्षकों के भविष्य पर लटकी तलवार

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हिमाचल प्रदेश के हजारों प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) की नियमितीकरण को लेकर हो रही ट्रेनिंग पर फिर संकट आ गया है। नियमितीकरण को लेकर होने वाली इस ट्रेनिंग के लिए एनसीटीई ने एक्टेंशन नहीं दी है। राज्य में करीब 3482 शिक्षक दो साल की ट्रेनिंग कर रहे हैं, एक साल देरी से शुरू होने के कारण ट्रेनिंग का समय कम पड़ने के कारण एनसीटीई से एक्टेंशन मांगी गई थी।

पैट शिक्षकों ने इस ट्रेनिंग के लिए दिसंबर 2013 में प्रति शिक्षक 6 हजार रुपये फीस जमा करवाई गई थी। असल में शिक्षा विभाग ने सितंबर 2014 में ट्रेनिंग शुरू की जो एनसीटीई के तय समय मार्च 2015 में पूरी नहीं हो सकती है। ऐसे में एक बार फिर पैट का भविष्य पर संकट आ गया है। इससे पहले वर्ष 2011 से 2013 तक हुई पैट की ट्रेनिंग को आरटीई के नियमों के तहत न करवाने के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई।
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टीचर भुगत रहे खामियाजा

ट्रेनिंग प्राथमिक सहायक अध्यापकों के नियमित होने के लिए अनिवार्य शर्त है, ऐसे में जब से ट्रेनिंग पूरी नहीं होगी तब तक नियमित होने का रास्ता साफ नहीं होगा। प्राथमिक सहायक अध्यापकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण एक बार फिर से शिक्षकों की नियमितीकरण के मद्देनजर हो रही ट्रेनिंग रद्द हो सकती है।

प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ के महासचिव जगमोहन राणा ने बताया कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा प्राथमिक सहायक अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। संघ के शिक्षकों को खुद ही अपने स्तर पर संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार से मांग की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और इस मसले को केंद्र से उठाएं।
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