इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में लगी है। लोकपाल की नियुक्ति आज तक नहीं हुई। लोकपाल बिल को कमजोर कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी कामकाज को लेकर घुटन महसूस कर रहे हैं। बीते दिनों जजों के सामने आकर अपनी समस्याओं को लेकर प्रेस वार्ता करना इसका उदाहरण है। मुख्य चुनाव आयुक्त को भी कठपुतली बना दिया गया है।
राज्यों में चुनावों की तिथियां घोषित करने को लेकर सरकार मनमानी कर रही है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का मुख्य चुनाव आयुक्त पर दबाव बनाया जा रहा है।
सीबीआई निदेशक को हटाने की सच्चाई जगजाहिर हो चुकी है। मोदी सरकार ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को इसलिए हटा दिया, क्योंकि वह राफेल डील घोटाले की जांच को तैयार हो गए थे।
सुक्खू ने कहा कि अगर वर्मा जांच करते तो सरकार की पोल खुल जाती और विमान खरीद का सबसे बड़ा घोटाला परत दर परत उजागर होता। यह पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को नागवार गुजरा और उन्होंने सीबीआई निदेशक को ही रातों रात हटा दिया।
प्रदर्शनकारियों में सह प्रभारी और विधायक गुरकीरत सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, इंद्र दत्त
लखनपाल, लखविंदर राणा, पूर्व स्पीकर गंगू राम मुसाफिर, हरभजन सिंह भज्जी, संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, कुलदीप राठौर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, रजनी पाटिल, रामलाल ठाकुर, गंगूराम मुसाफिर, हरभजन सिंह भज्जी, मुकेश अग्निहोत्री, यशवंत सिंह छाजटा, कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, इंद्र दत्त लखनपाल सहित करीब डेढ़ सौ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ थाना सदर में आईपीसी 143 और 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। ये नारे तख्तियों पर भी लिखे गए थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ये तख्तियां थीं। इसके अलावा कुछ युवा टीशर्ट पहने हुए थे जिस पर लिखा था - ‘युवा विरोधी नरेंद्र मोदी’।