शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में 186 नियुक्तियों को लेकर सोमवार को छात्रों ने पूरे परिसर में प्रदर्शन किया। एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नियुक्तियों में सामने आई अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग उठाई। छात्रों ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में वर्ष 2020 से 2023 के बीच हुई 186 नियुक्तियों पर गंभीर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्रों और शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन का रिकॉर्ड नहीं मिलने का उल्लेख है। एक सहायक आचार्य की नियुक्ति में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाया है।
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एसएफआई इकाई अध्यक्ष आशीष चौहान और इकाई सचिव मुकेश राणा ने कहा कि 2 सितंबर को कुलपति से मुलाकात कर मामला उठाया था। कुलपति ने सरकार को न्यायिक समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी थी। छात्रों ने सरकार से प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की न्यायिक जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।