प्रदेशभर में वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैनिक सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को इस मुद्दे को लेकर सैकड़ों पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार ने सैनिकों की इस मांग को पूरा करने का वायदा किया था, लेकिन इस मसले पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इससे पूर्व सैनिकों में आक्रोश बढ़ रहा है।
ऊना में पूर्व सैनिकों ने मांगों को लेकर एडीएम राजेश मारिया के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं देश के रक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। चेताया कि यदि वन रैंक वन पेंशन जल्द लागू नहीं की गई तो भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। स्थानीय एमसी पार्क में जिलाभर के पूर्व सैनिकों ने बैठक करके आगामी रणनीति बनाई। पूर्व सैनिकों ने रोष रैली भी निकाली। रैली के संयोजक लेफ्टिनेंट स्वदेश प्रकाश शर्मा (सेवानिवृत्त ) एवं कर्नल धमेंद्र पटियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कही बात से पीछे हट रहे हैं।
केंद्र सरकार को पूर्व सैनिकों की शक्ति का आभास हो जाना चाहिए और अब वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे को आगे नहीं लटकाना चाहिए। वहीं पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार अगर इस मुद्दे पर तुरंत निर्णय नहीं लेती है तो केंद्रीय सैनिक संगठनों के नेताओं की अगुवाई में यह मसला देशव्यापी आंदोलन का रूप धारण कर सकता है।
इस मौके पर इंडियन एक्स सर्विसिज के कार्यकारी चेयरमैन कैप्टन शक्ति चंद, पूर्व सैनिक कल्याण संघ के प्रधान ओपी शर्मा, पूर्व वायु सैनिक कल्याण संघ के अध्यक्ष हरीश कुमार, कर्नल धमेंद्र पटियाल (सेवानिवृत्त), बिग्रेडियर चरण सिंह (सेवानिवृत्त), कर्नल कुलदीप सिंह ने रोष रैली को संबोधित किया।
पूर्व सैनिकों ने डीसी के खिलाफ लगाए नारे- ऊना रैली में उस समय माहौल गर्मा गया, जब पूर्व सैनिक अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपने मिनी सचिवालय के बाहर पहुंचे। पता चला कि उपायुक्त अपने कार्यालय में मौजूद नहीं है, जिससे पूर्व सैनिक भड़क गए और उपायुक्त के खिलाफ नारेबाजी कर दी। हालांकि, बाद में एडीएम राजेश मारिया के माध्यम से पूर्व सैनिकों ने अपना ज्ञापन राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को भेजा।