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छह माह बाद भी नहीं निकला जेओए भर्ती का परिणाम, सड़कों पर अभ्यर्थी

Fri, 07 Dec 2018 11:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) की भर्ती दो साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। पोस्ट कोड 556 के 1156 पदों के लिए निकाली गई भर्ती का अभी रिजल्ट नहीं निकला है, जबकि कर्मचारी चयन आयोग मई 2018 में मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब फाइनल रिजल्ट आना है। निजी संस्थानों से कंप्यूटर डिप्लोमा को अमान्य करने के बाद इस भर्ती में पेच फंस गया है।

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वीरवार को अभ्यर्थियों ने सचिवालय के पास प्रदर्शन किया। संघर्ष संघ के प्रदेशाध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग बहाने बनाकर परिणाम को लटका रहा है। आयोग सचिव ने 31 अक्तूूबर को तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद परिणाम निकालने का बयान दिया था। 14 नवंबर को कमेटी रिपोर्ट आयोग को सौंप चुकी है। आयोग की देरी के चलते 3400 अभ्यर्थी प्रताड़ित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर शनिवार तक परिणाम घोषित नहीं किया गया तो सोमवार को आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में अभ्यर्थी पंकज शर्मा, सुशील, राज ठाकुर, कमल ठाकुर, अक्षय, राजदीप, राजीव, पंकज कुमार, अंकुश, अमित शर्मा, संदीप, प्रियंका, वीरेंद्र, राजेश, मीनाक्षी, प्रेमलता, सपना, किरण सैनी, कल्पना, मनीष, अभिषेक, अभिमन्यु और मोहित सहित कई अन्य शामिल रहे।

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यह है मामला

कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने अक्तूूबर 2016 में जेओए के 704 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। बाद में पदों की संख्या में इजाफा कर दिया गया। अब यह भर्ती 1156 पदों के लिए हो रही है। सरकार के 53 विभागों में ये पद भरे जाने हैं। 28 अप्रैल, 2017 को इस भर्ती की स्क्रीनिंग परीक्षा हुई थी। एक अगस्त 2017 को स्क्रीनिंग परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। 14 सितंबर से 18 अक्तूूबर 2017 तक टाइपिंग टेस्ट लिए गए। साढ़े तीन माह बाद 16 फरवरी 2018 को टाइपिंग टेस्ट का परिणाम घोषित किया गया। 3452 आवेदक टाइपिंग टेस्ट में पास हुए, जिन्होंने 10 अप्रैल से 24 मई मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लिया। 

11 को ट्रिब्यूनल में होनी है सुनवाई
16 मई, 2018 को हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी। 16 अगस्त को ट्रिब्यूनल ने जेओए रिजल्ट से रोक हटा दी। इस बीच कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने जेओए की भर्ती आरएंडपी नियामों के तहत करने के आदेश पारित किए। इससे निजी संस्थानों से कंप्यूटर डिप्लोमा धारक अयोग्य हो गए। आवेदकों ने नवंबर 2018 में हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। मामला दोबारा ट्रिब्यूनल में आ गया। अब 11 दिसंबर को फिर ट्रिब्यूनल में मामले पर सुनवाई होनी है।
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