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Shimla News: टैक्सी-मैक्सी के किराये की निर्धारित नई दरों का विरोध

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ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी ने की किराया बढ़ाने की मांग
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बोले, कम दरों से संचालकों को उठाना पड़ेगा नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। परिवहन विभाग की टैक्सी-मैक्सी के लिए तय की गईं किराये की दरों का ऑपरेटरों ने विरोध किया है। राजधानी टैक्सी-मैक्सी ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने सोमवार को परिवहन विभाग के मुख्यालय में पहुंचकर नई दरों का विरोध किया।
ऑपरेटरों का कहना है कि परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित की गईं दरें काफी कम हैं और इस वजह से मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हालत यह हो जाएगा कि यह व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विभाग की ओर से निर्धारित किराये की दरों पर टैक्सी-मैक्सी मालिकों को गाड़ियां चलाना संभव नहीं है। उन्होंने आरटीओ शिमला को मांगपत्र सौंपकर आग्रह किया कि प्रीपेड टैक्सी-मैक्सी के किराये पर दोबारा से गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए। इसके लिए जिले की सभी 35 यूनियनों के साथ बैठक करके किराये की दरों को संशोधित किया जाए। राजधानी टैक्सी-मैक्सी ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी ने विभाग को चेताया कि अगर किराये की दरों को उनकी मांगों के अनुसार संशोधित नहीं किया गया तो टैक्सी-मैक्सी चालकों को सड़क पर उतरकर विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
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राजधानी टैक्सी-मैक्सी ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी जितेंद्र ठाकुर ने जिले की सभी 35 यूनियनें सरकार की ओर से जारी की गई टैक्सी-मैक्सी किराये की दरों का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 22 सालों के बाद किराया बढ़ाया है और वह भी महज ढाई फीसदी बढ़ाया गया। किराये में चार सीटों वाली टैक्सी के किराये की अपेक्षा 7 और 10 सीटर वाली मैक्सी का किराया व्यावहारिक रूप से नहीं बढ़ाया गया है। इससे संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और इससे जिले में टैक्सी और मैक्सी का संचालन करके जीवनयापन करने वाले हजारों लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
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