जयराम सरकार से अंतरराष्ट्रीय रेसलर खली की मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री और खेल मंत्री गोविंद ठाकुर मंडी में कुश्ती का आयोजन कराना चाहते थे। कार्यक्रम में करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आना था, जिसे खेल विभाग किस मद से खर्च करें, इसको लेकर पेंच फंस गया।
इसी दौरान विवाद बढ़ने पर सरकार ने एक सचिव के अधिकतर विभाग ही छीन लिए। लेकिन नियमों के जाल में फंसी कुश्ती को अब तक निकाला नहीं जा सका है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी खेल को लेकर विवाद की संभावना को देखते हुए कुश्ती के आयोजन की फाइल वापस लौटा दी है।
हालांकि, कुश्ती आयोजन को लेकर दलील यह दी जा रही है कि खली के यूएस से लौटने पर इस पर फैसला होना है। सूत्रों की मानें तो आयोजन अब खली की गारंटी पर सरकार सरकारी तंत्र मुहैया कराकर तो करा सकता है पर वित्तीय सहयोग देने को लेकर ही खली से बात करना चाह रहा है।