दिवाली की रात प्रदेश के कई क्षेत्रों में आग की घटनाएं होने से सवा चार करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। जिला चंबा में सबसे अधिक क्षति हुई है। चंबा में तीन मंजिला मकान, बिलासपुर में एक मकान, पांवटा में शोरूम का स्टोर जल गया। चंबा में घास को आग से बचाते हुए एक महिला झुलस गई।
कांगड़ा में एक दुकान में आग लग गई। जिला चंबा में 3.40 करोड़, कुल्लू में 4.97 लाख, कांगड़ा मे 45.23 लाख, हमीरपुर में 1.20 लाख, शिमला में 12.37 लाख, सोलन में 3.42 लाख, मंडी में 65 हजार, ऊना में 2.23 लाख और सिरमौर में 61 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। दिवाली की रात प्रदेश में आगजनी के 14 बड़े और 39 छोटे आगजनी के मामले सामने आए।
जिला चंबा की ग्राम पंचायत खज्जियार में दिवाली की रात एक तीन मंजिला मकान अग्निकांड में स्वाह हो गया। इससे करीब 25 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। मकान में 12 कमरे थे। इसमें नौ परिवार अपना गुजर बसर कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची फायर स्टेशन चंबा की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया।
साथ लगते 16 घरों को भी आग लगने से बचाया। प्रभावितों में रूमाल सिंह, टेक चंद, हेम राज, राजकुमार (चारों सगे भाई) के अलावा किरपा राम, दुलो राम, विकास कुमार, देस राज और पूर्ण चंद शामिल हैं। दिवाली की रात चंबा शहरी क्षेत्र में भी तीन जगह अग्निकांड के मामले सामने आए।
पहले मामले में सुराड़ा मोहल्ला में आईपीएच विश्राम गृह के समीप स्थित बुक स्टोर में आग लग गई। करीब पांच हजार रुपये का नुकसान आंका गया। धड़ोग मोड़ के समीप लगे कूड़े के ढेर में भी आग लगी। सुल्तानपुर चौकी के समीप झाड़ियों में आग लगी।
चंबा में दिवाली पर आतिशबाजी से जल रहे घास को बुझाने का प्रयास करते समय एक महिला झुलस गई। महिला का उपचार चंबा मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहा है। घायल महिला की पहचान पंचकू देई पत्नी प्रवीण कुमार निवासी गांव साला ग्राम पंचायत दिघाई तहसील सलूणी के रूप में हुई।
उधर, जिला सोलन के धर्मपुर पंचायत के पड़ाव गांव में शॉट सर्किट से दुकान जल गई। आग रात लगभग साढ़े दस बजे लगी। पड़ोसी दुकानदार ने इसकी सूचना धर्मपुर थाना और अग्निशमन विभाग को दी। दुकान में स्टेशनरी, मोबाइल और कॉस्ट्मैटिक का सामान जला। बिलासपुर के शाहतलाई के कुठेड़ा गांव में दिवाली के दिन आग लगने से एक मकान जल गया।
इसमें करीब पांच लाख की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग में घर का सामान सहित नगदी और कीमती सामान जल गया। जिला कांगड़ा में दिवाली की रात को गगल में दुकान और राजोल में एक गौशाला राख हो गई। आग की घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। देहरादून-पांवटा एनएच-7 पर बाईपास के समीप भी वीरवार रात को आगजनी हुई।
इसमें एक शो रूम और रिहायशी मकान के स्टोर में आग भड़की। आग से टीननुमा स्टोर में गत्ता और अन्य सामान जल कर राख हो गया, जिसकी कीमत लाखों में होने का अनुमान हैं। हमीरपुर में पटाखों से तीन पशुशालाएं आग से जल गई। कुल्लू जिला में दीवाली के दिन आग की पांच घटनाएं सामने आई है।
आग की घटनाओं में पांच लाख का नुकसान जबकि एक करोड़ संपत्ति को आग से बचाया गया है। आग लगने की वजह हवाई रॉकेट व पटाखे बताए जा रहे हैं। गड़सा में आग से पांच दुकानें राख हुई। जिसमें 3.30 लाख का नुकसान, टापू में एक गौशाला भी जलकर राख हुई। जिसमें एक गाय जिंदा जल गई जबकि दूसरी झुलस गई।
इधर खराहल के किंजा, थरमाण, तलोगी गांव में भी घास के पांच कोठे भी जले। रामशिला के साथ लगते चील के जंगल में दीवाली के दिन आग की लपटें उठी। उधर, जोगिंद्रनगर उपमंडल की पीपली पंचायत में गत वीरवार को दोपहर बाद आग लगने से रिहायशी मकान के जलकर कर राख हो गया।
आग से प्रभावित परिवार की लगभग छह लाख रुपये का नुकसान हो गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावितों को फौरी सहायता प्रदान की। उधर आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।