हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन सेवारत चतुर्थ श्रेणी कर्मियों पर मेहरबान होता नजर आ रहा है। प्रशासन एक साथ दर्जनों चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को तय नियमों और पात्रता शर्तों में छूट दिलाकर और कोटा दस फीसदी से तीस फीसदी कर पदोन्नत करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रशासन ने बाकायदा पहले वित्त कमेटी से और बाद में विवि की कार्यकारी परिषद से इसे मंजूरी दिलवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
अब पदोन्नत किए जाने वाले कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एकसाथ 70 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नत करने की तैयारी है। अब इस कोटे के तहत पदोन्नति को कोटे के तहत कितने पात्र पाए जाते हैं, इसकी स्थिति जल्द साफ होगी। विवि के तय पदोन्नति के नियमों के तहत चतुर्थ श्रेणी से पदोन्नति के लिए दस फीसदी के कोटा तय होता है।
सूत्रों के मुताबिक इस कोटे के तहत पहले ही विवि में तय सीमा से अधिक पदोन्नतियां विवि कर चुका है। पदोन्नत होने पर चतुर्थ श्रेणी से क्लर्क बनने वाले कर्मियों को छह माह के भीतर टाइपिंग और कंप्यूटर की तय शर्त को पूरा करने का समय विवि देगा। इसे उसे पास करना अनिवार्य किया जाएगा।
30 फीसदी कोटे के तहत होगी पदोन्नति
विवि के कुलसचिव केके शर्मा ने माना कि विवि की वित्त कमेटी और कार्यकारी परिषद से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नत कर क्लर्क बनाए जाने को मंजूरी मिल चुकी है। विशेष शक्तियों के तहत दस फीसदी कोटे में एलडीआर बीस फीसदी कोटे को जोड़ कर इसे तीस फीसदी किया है। अब पदोन्नति के लिए आवश्यक शर्तें और पात्रता पूरी करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद ही पदोन्नति के आदेश जारी किए जाएंगे।