क्या हिमाचल सरकार ने प्रियंका गांधी वाड्रा को शिमला में नियमों के विरुद्ध जमीन दी? इस जानकारी को हासिल करने के लिए जब एक आटीआई कार्यकर्ता ने सूचना मांगी तो प्रियंका ने सूचना देने से इंकार कर दिया। प्रियंका ने कहा कि यह सूचना देने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है।
प्रियंका ने इस बारे में एसपीजी के सुरक्षा संबंधी दस्तावेज भी लगाएं हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को थर्ड पार्टी के तौर पर हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग से विस्तृत ऑब्जेक्शन दायर करने को समय मांगा है। आयोग ने प्रियंका को आपत्ति दायर करने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दिया है।
दिल्ली के रामाकृष्णन को दी है पॉवर ऑफ अटार्नी
प्रियंका गांधी ने इस जमीन की स्पेशल पॉवर ऑफ अटार्नी दिल्ली निवासी एस. रामाकृष्णन को दी है। एस. रामाकृष्णन के अधिवक्ता ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा। मामले की सुनवाई सोमवार को आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन और राज्य सूचना आयुक्त केडी बातिश की डबल बैंच ने की।
रामाकृष्णन की ओर से तर्क दिया गया कि एसपीजी के निदेशक ने थर्ड पार्टी को कहा है कि ‘डायरेक्ट बीयरिंग’ होने पर संबंधित सूचना सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इस पर अपीलकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता आशीष भट्टाचार्य ने कहा है कि इसमें डायरेक्ट बीयरिंग कहां है।
तो ये है पूरा मामला
वह तो इसे जनहित में मांग रहे हैं। आयोग में बतौर जनसूचना अधिकारी एडीएम शिमला डीके रतन भी मौजूद रहे। भट्टाचार्य ने सोमवार को आयोग के समक्ष संशोधित अपील भी दायर की। पहली अपील प्रथम अपीलेट अथॉरिटी यानी डीसी शिमला के अंतरिम आदेश के खिलाफ थी और संशोधित अपील सूचना नहीं दिलाने पर उपायुक्त शिमला के अंतिम फैसले के विरुद्ध दायर की गई है।
क्या है मामला- आरटीआई कार्यकर्ता देव आशीष भट्टाचार्य ने दलील दी कि हिमाचल में भू सुधार अधिनियम की धारा 118 से गुजरने के बाद ही गैर हिमाचली जमीन खरीद सकता है। प्रियंका गांधी को दो बार जमीन वर्ष 2007 और 2013 में दी गई। क्या यह जमीन निर्धारित से ज्यादा नहीं है। जनहित के ऐसे तथ्यों को जानने के लिए वह संबंधित दस्तावेज चाह रहे हैं, जिसे देने से जिला प्रशासन आनाकानी कर रहा है।
पहले बनाया फिर गिराया प्रियंका का दो मंजिला मकान
प्रियंका गांधी वाड्रा ने छराबड़ा में घर बनाने के लिए 2007 में जमीन खरीदी और भवन निर्माण शुरू हुआ। दो मंजिला मकान का पूरा ढांचा बनकर तैयार हो गया, लेकिन बताते हैं कि प्रियंका वाड्रा को इसकी शैली पसंद नहीं आई।
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उन्होंने पूरे ढांचे को गिराकर नए सिरे से पहाड़ी शैली में बनाने को कहा। दो मंजिला मकान पूरी तरह से गिरा दिया गया। अब इसका आधे से ज्यादा स्ट्रक्चर तैयार हो गया है। काम जारी है।