नियमों के पालन के प्रति गंभीरता दिखाते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 30 मई 2026 तक सभी स्कूलों को अपने खरीद बिलों का डिपो से सत्यापन करवाकर संबद्धता शाखा में जमा करना अनिवार्य है। इस आदेश की अवहेलना करने वाले स्कूलों पर न केवल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि गंभीर मामलों में उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है, ताकि छात्रों और अभिभावकों के हितों से कोई समझौता न हो सके। बोर्ड अध्यक्ष ने सभी निजी स्कूल संचालकों से बोर्ड के आदेशों का पालन करने की अपील की है।