हिमाचल उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के चलते सरकार की ओर से जारी अधिसूचना को आंशिक तौर पर रद्द करते हुए निजी स्कूलों को छूट दी है कि वह विद्यार्थियों से मासिक ट्यूशन फीस लेना शुरू कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि पिछली बकाया ट्यूशन फीस की वसूली के लिए 2 महीने का नोटिस देकर फीस बिना किसी जुर्माने या लेट फीस के ली जाए।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह भी व्यवस्था दी कि लॉकडाउन के कारण हुई आर्थिक क्षति के चलते अभिभावक ट्यूशन फीस में रियायत देने बाबत स्कूल प्रशासन को प्रतिवेदन दे सकते हैं।
संबधित स्कूल के सक्षम अधिकारियों को यह आदेश दिए गए हैं कि वे प्रतिवेदन मिलने के बाद एक सप्ताह के भीतर इस पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय पारित करें। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि वह 27 मई, 2020 को जारी अधिसूचना के मुताबिक निजी स्कूलों पर डाली गई शर्तों पर पुनर्विचार कर नवीनतम निर्णय ले। सरकार को आदेश दिए हैं कि वह निजी स्कूलों में उचित तरीके से शिक्षा देने बाबत सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ की उपस्थिति का निरिक्षण करे, ताकि पाठ्यक्रम के मुताबिक बच्चों को अच्छे तरीके से शिक्षा मुहैया करवाई जा सके।