प्रदेश की हमीरपुर जिला जेल में ओपन श्रेणी कैदी के रूप में हत्या के अपराध की सजा काट रही एक महिला बंदी को हमीरपुर की एक कंपनी ने नौकरी ऑफर की है। जेल विभाग का दावा है कि प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में यह पहला मामला होगा, जब जेल में बंद किसी महिला कैदी को निजी कंपनी ने नौकरी का प्रस्ताव भेजा है। उसे कंपनी ने सात हजार रुपये वेतन पर पीयून की नौकरी ऑफर की है।
सोमवार को कंपनी ने डीजी जेल सोमेश गोयल को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। गोयल ने बताया कि यह पहली बार है कि जब किसी जेल में बंद महिला कैदी को उसकी काबिलियत के हिसाब से नौकरी का ऑफर आया है। उन्होंने कहा कि जेल विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि जेल में बंद कैदियों को उनकी काबिलियत के अनुसार काम दिया जाए।
इससे न सिर्फ उनके अंदर सकारात्मक कार्य करने की इच्छा बढ़ेगी, बल्कि सजा पूरी कर जब वह जेल से बाहर जाएंगे तो वे अपराध की दुनिया में जाने के बजाय अपने हुनर के अनुसार काम कर सकेंगे। चूंकि पुरुष बंदियों को तो ओपन श्रेणी में लाकर जेल के बाहर भी काम करने के लिए भेजा जाता था। लेकिन यह प्रदेश की अकेली ऐसी महिला बंदी है जिसे ओपन श्रेणी के तहत जेल से बाहर काम करने की इजाजत दी गई है।
81 महिला बंदी है प्रदेश में
प्रदेश में वर्तमान में दो मॉडल सेंट्रल जेल समेत कुल 14 जेल व उप जेल हैं। इन सभी जेलों में कुल 81 महिला कैदी विभिन्न अपराधों के लिए अपनी सजाएं काट रही हैं। गोयल बताते हैं कि ओपन श्रेणी में लाने के लिए कई तरह के मानक रखे गए हैं जिनपर खरा उतरने के बाद ही किसी भी कैदी को ओपन एयर कैटेगरी में रखा जाता है।