हिमाचल प्रदेश की निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने साफ कर दिया है कि हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि, अभी भी वार्ता के दरवाजे खुले हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि हर बार आश्वासन ही मिले हैं। इसके बाद हर बार यूनियन की अनदेखी की गई है। शुक्रवार को निजी बस ऑपरेटर यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें परिहवन मंत्री बिक्रम सिंह के बयान पर चर्चा हुई। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर राजू ने बताया कि करीब तीन घंटे तक बैठक में यूनियन के मसलों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर की ओर से आश्वासन दिया गया है कि निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को लेकर 16 मई के बाद सरकार विचार करेगी।
यूनियन की ओर से पहली बार 26 अप्रैल को सरकार को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था। इसके 8 दिन के बाद भी सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को अनदेखा कर उस पर कोई भी विचार नहीं किया। मजबूरन यूनियन को तीन मई से प्रदेश स्तरीय हड़ताल शुरू करनी पड़ी। इसके बाद अब परिवहन मंत्री निजी बस ऑपरेटरों की मांगों पर विचार करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए सभी दरवाजे खुले हैं, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को अनेदखा ही किया जा रहा है। जब तक सरकार निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक यूनियन की प्रदेश स्तरीय हड़ताल जारी रहेगी। पराशर ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली और लेटलतीफी से निर्णय लेने के खिलाफ निजी बस ऑपरेटरों में भारी रोष है। अगर 16 मई तक यूनियन की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो निजी बस ऑपरेटर आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।