निगम ने सुबह आठ से शाम 4 बजे तक लोकल डिपो ने 122 अतिरिक्त ट्रिपों पर चलाई बसें
50 फीसदी ऑक्यूपेंसी की बंदिश से कई जगह नहीं रुकी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते सोमवार को एचआरटीसी ने राजधानी शिमला सहित जिलाभर में पूरी परिवहन व्यवस्था संभाली। अकेले राजधानी शिमला में सुबह 8 से शाम 4 बजे तक एचआरटीसी के लोकल डिपो ने करीब 122 अतिरिक्त ट्रिप लगाए गए।
सुबह और शाम के समय 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी की बंदिश के चलते कुछ स्टॉपेजों पर एचआरटीसी बसें न रुकने के कारण यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। सोमवार सुबह ओल्ड बस स्टैंड से घणाहट्टी की ओर बस सेवा उपलब्ध न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शिमला से रोहड़ू, रामपुर और चौपाल रूट पर भी निजी बसें न चलने के कारण लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। हालांकि शिमला शहर में बसों की आवाजाही निरंतर जारी रही। शाम के समय शहर के कुछ रूटों पर एचआरटीसी बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी की बंदिशों का उल्लंघन भी दिखा।
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक देवा सेन नेगी ने बताया कि सोमवार को शाम 4 बजे तक 122 अतिरिक्त ट्रिप संचालित किए हैं। कुछ रूटों पर बसों की किल्लत की सूचना मिली है, मंगलवार से इसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। एचआरटीसी शिमला ग्रामीण डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया कि सोमवार को टुटू, घणाहट्टी, मशोबरा और पंथाघाटी सहित अन्य रूटों पर करीब 20 अतिरिक्त ट्रिप चलाए गए। लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक नहीं रही।
निजी बसों की हड़ताल के दौरान सोमवार को एचआरटीसी के चालक-परिचालकों ने आवाज लगाकर सवारियों को बुलाया। लक्कड़ बाजार बस स्टैंड, ओल्ड बस स्टैंड और लोकल बस स्टैंड में एचआरटीसी के चालक-परिचालक बसों को लेकर सवारियों का मार्गदर्शन करते दिखे। एचआरटीसी के लाइन इंस्पेक्टर भी रूटों पर यात्रियों की संख्या का लगातार कंट्रोल रूम में अपडेट देते रहें। क्षेत्रीय प्रबंधक भी सोमवार को पूरे दिन फील्ड में डटे रहे।
मांगे पूरी नहीं हुई तो
नहीं चलेंगी बसें : सुनील
निजी बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन सोमवार को शहर की निजी बसें संचालित नहीं की गई। कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक बसें नहीं चलाई जाएंगी। सुनील चौहान ने आरोप लगाया कि सोमवार को एचआरटीसी की कुछ बसें ओवरलोड चली है जिस पर कार्यवाही की जानी चाहिए।