आखिर फोन को चार्ज भी तो करना पड़ता होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसमें जेल प्रशासन का कोई कथित कर्मचारी उसकी मदद करता रहा। हालांकि यह जांच का विषय है। बता दें कि 31 मई को कंडा में जेल प्रशासन ने बैरकों में सर्च ऑपरेशन चलाया था।
इस दौरान बैरक नंबर-2 में बंद कैदी जसवीर से चेकिंग के दौरान मोबाइल फोन बरामद हुआ था। जसवीर के अलावा बैरक में करीब 12 से 15 कैदी थे। सूबे की जेलों में पुराने दिनों की अपेक्षा मौजूद समय में जेल का माहौल बदल गया है।
जेल प्रशासन की ओर से कैदियों को सुधारने के लिए जेल के अंदर कई गतिविधियां करवाई जा रही हैं। कैदियों की आमदनी हो, इसके लिए कैदियों को जेल के बाहर भी भेजा जाता है, ताकि कैदी जेल से बाहर निकलकर एक सभ्य व्यक्ति बनें।