बिलासपुर में मिठाई बांटते भाजपा कार्यकर्ता
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जेपी के दादा के देहांत के बाद 1979 में नड्डा पटना से बिलासपुर लौट आए। यहां वह छात्र संगठन से होते हुए आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मेहनत के बाद जल्द ही उन्हें स्थायी अध्यक्ष का जिम्मा भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि बुरा दौर अब पीछे रह गया है। अब पार्टी ने उनके काम को देखते हुए जो सम्मान दिया, उससे आज उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। एक सवाल के जवाब में नारायण लाल ने कहा कि नड्डा द्वारा जो योजनाएं लाई गई थीं, वह तय समय में पूरी होंगी।
जगत प्रकाश नड्डा के घर किसी प्रकार की चहल-पहल नहीं है, लेकिन फोन पर पिता नारायण लाल नड्डा को प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी लोग बधाई दे रहे हैं।