हिमाचल प्रदेश के मडी जिले के शिक्षा खंड द्रंग के तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की मुहिम शुरू की है। इससे अभिभावकों को प्रेरित होकर निजी स्कूलों का मोह त्याग कर सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाना चाहिए।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल के प्रधानाचार्य मनोज ठाकुर ने अपने बेटे धैर्य ठाकुर को छठी कक्षा में दाखिला साहल स्कूल में करवाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पठन पाठन सामग्री सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं निजी स्कूलों से कहीं बेहतर हैं।
आज के दौर में देखादेखी की होड़ में अभिभावक बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में ओवरऑल डेवलेपमेंट विद्यार्थियों की होती है। इसके लिए प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवाने का आह्वान किया है।