हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सजायाफ्ता कैदी को 17 साल से पैरोल पर रिहा न करने पर संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने प्रधान सचिव गृह सहित डीजीपी (जेल) और एसपी नाहन जेल को नोटिस जारी कर जवाबतलब किया है। मामले की सुनवाई शीतकालीन छुट्टियों के बाद निर्धारित की गई है। हरियाणा निवासी सरोज बत्तरा ने मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र से उसके पति को पैरोल देने की गुहार लगाई है। पत्र के माध्यम से अदालत को बताया गया कि उसका पति हरीश बत्तरा हत्या के जुर्म में पिछले 17 वर्षों से आदर्श जेल नाहन में सजा काट रहा है।
जेल विभाग के महानिदेशक के पास कई बार उसे पैरोल पर रिहा करने के लिए आवेदन किया गया, लेकिन हर बार पैरोल के आवेदन को खारिज कर दिया जाता है। अदालत को बताया गया कि उसके पति की उम्र 61 वर्ष से अधिक है और वह अनुशासन से सजा काट रहा है। कैदी की पत्नी ने पत्र के माध्यम से बताया कि उनके दो पुत्र और पुत्र वधु हैं जो अपने- अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। पति के लंबे समय से जेल में रहने से वह मानसिक तौर पर परेशान है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि राज्य सरकार और जेल प्रशासन को आदेश दिए जाए कि उसके पति को पैरोल पर रिहा किया जाए। अदालत ने पत्र को याचिका दर्ज करते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से जवाब तलब किया है।