विधानसभा प्रश्नकाल में सीएम वीरभद्र सिंह ने सदन में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्राथमिक स्कूलों में पैट शिक्षकों को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नियमित किया जाएगा। बीएड और नॉन बीएड के लिए प्रशिक्षण का समय तय किया गया है। एनसीटीई के निर्देशों के मुताबिक जेबीटी का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही इन शिक्षकों को नियमित किया जा सकेगा।
डलहौजी की विधायक आशा कुमारी के स्थान पर ज्वालामुखी के कांग्रेस विधायक संजय रतन ने प्रश्नकाल में सवाल किया कि नॉन बीएड और बीएड करने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण की अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई है। दोनों श्रेणियों को एक साथ नियमित किया जाना चाहिए। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 3420 प्राथमिक सहायक शिक्षक हैं।
उनके लिए दो साल की ट्रेनिंग रखी गई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बिलासपुर में 155, चंबा में 284, हमीरपुर में 95, कांगड़ा में 857, किन्नौर में 29, कुल्लू में 230, लाहौल स्पीति में 65, मंडी में 474, शिमला में 453, सिरमौर में 304, सोलन में 188 और ऊना जिला में 286 पैट टीचर कार्यरत हैं।