फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैट टीचर्स की सेवाओं पर फैसला सुरक्षित

Wed, 19 Nov 2014 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) की सेवाएं चरणबद्ध तरीके में समाप्त करने वाले एकलपीठ के निर्णय को चुनौती देने वाली अपील पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। एकलपीठ के निर्णय के अनुसार प्राथमिक सहायक अध्यापकों की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के आदेश पारित किए थे और प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि जेबीटी के रिक्त पदों को भरने के लिए छह माह में प्रक्रिया शुरू की जाए।
विज्ञापन


प्राथमिक सहायक अध्यापक स्कीम 2003 के तहत नियुक्त लगभग तीन हजार अध्यापक सीधे तौर पर इस निर्णय से प्रभावित हुए थे। यह मामला मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए रखा गया। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने निर्णय में यह कहा था कि इन अध्यापकों की नियुक्ति भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत विभाग ने की है जोकि अनियमित न होकर गैर कानूनी है।

एकलपीठ ने अपने निर्णय में कहा था कि हिमाचल प्रदेश ग्राम विद्या उपासक योजना 2001 और प्राथमिक सहायक अध्यापक स्कीम 2003 के तहत नियुक्त अध्यापक वास्तव में ग्राम पंचायतों के कर्मचारी हैं और सरकार उन्हें मानदेय अदा करने के लिए संबंधित पंचायत को ग्रांट इन एड जारी कर रही है।
विज्ञापन


इस स्थिति में ये शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। एकलपीठ ने नियमों के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति करने पर राज्य सरकार के खिलाफ कड़ी प्रतिकूल टिप्पणी करते हुए कहा था कि शिक्षा स्तर को बेहतर बनाए रखने के दायित्व को निभाने में सरकार ने उदासीनता दिखाई है और प्रशिक्षित अध्यापकों को नियुक्ति देने के बजाय ऐसे लोगों को नियुक्ति दी है जो भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप जेबीटी पद के लिए निर्धारित योग्यताएं पूरी नहीं करते हैं।

एकलपीठ के इस निर्णय को प्रदेश सरकार और प्राथमिक सहायक अध्यापक एसोसिएशन ने खंडपीठ के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी थी। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के पश्चात अपना निर्णय सुरक्षित रखा है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें