पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बिलासपुर में प्रेस वार्ता कर कहा कि अगर उनका बेटा निर्दोष होगा तो वह उसे अवश्य बचाएंगे, लेकिन वह दोषी पाया गया तो जैसा कानून कार्रवाई करेगा, वह उसके लिए तैयार हैं।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बताया कि पिछले दिनों बिलासपुर कोर्ट परिसर के पास हुआ गोलीकांड मात्र षड्यंत्र है। उन्होंने मांग की है कि इस कांड और 23 फरवरी को उनके ऊपर हुए हमले की सीबीआई अथवा उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराई जाए। भाजपा के नेता जो दर्शा रहे हैं, वैसा कुछ हुआ ही नहीं है। यह जांच एम्स में भी की जानी चाहिए कि वहां पर गोलीकांड के बाद जिस घायल को भर्ती किया गया था, उसको गोली लगी भी थी या नहीं।
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बिलासपुर परिधि गृह में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अगर उनका बेटा निर्दोष होगा तो वह उसे अवश्य बचाएंगे, लेकिन वह दोषी पाया गया तो जैसा कानून कार्रवाई करेगा, वह उसके लिए तैयार हैं। कहा कि भाजपा के नेता उनके खिलाफ षड्यंत्र रचते आए हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार का लाभ चुनाव में न पहुंचे और पार्टी उन्हें टिकट न दे। 2003 में भी उन पर तीन झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गईं, जो बाद में निरस्त हुईं। अब हिमाचल प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष के साथ हुई बदतमीजी को लेकर जिन विधायकों का निलंबन तय है, उनमें बिलासपुर सदर के विधायक भी शामिल हैं।
इसी बौखलाहट में भाजपा के नेता इस तरह के षड्यंत्र रच रहे हैं। कहा कि औहर में उनके घर पर पुलिस ने दरवाजे तोड़कर तलाशी ली, जिसकी वह निंदा करते हैं। जिस समय उन पर हमला हुआ था। उसके तुरंत बाद हमलावरों ने सदर विधायक त्रिलोक जमवाल और विशाल जगोता को फोन किए थे, उनकी जांच पुलिस ने क्यों नहीं की। उनकी कॉल डिटेल क्यों नहीं खंगाली गई। गे।उधर, पूर्व विधायक ने कहा कि मामले में पुलिस उनसे जुड़े लोगों को थाने में ले जाकर पीट रही है। इसी के चलते उनका बेटा सरेंडर नहीं कर रहा है। अगर उसने सरेंडर किया तो पुलिस उसे मारपीट कर जबरन उससे गुनाह कबूल कराएगी।