डॉ. बिंदल ने कहा कि बजट के नाम पर केवल कागजी दिखावा किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां पहले बजट हर साल बढ़ता था, वहीं कांग्रेस सरकार ने पहली बार बजट घटाकर ₹54,928 करोड़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के विकास को रोकने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि बजट में केवल केंद्र सरकार की योजनाओं को कॉपी-पेस्ट कर प्रस्तुत किया गया है और राज्य सरकार की अपनी कोई स्पष्ट नीति या विजन नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स लगाकर प्रदेश के 28 बॉर्डर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे।
डॉ. बिंदल ने चेतावनी दी कि पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल सस्ता और हिमाचल में महंगा होने से तस्करी और माफिया तंत्र को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कानून व्यवस्था की समस्या भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, कर्मचारी, बेरोजगार और महिलाओं—सभी वर्गों के साथ अन्याय करता है और केवल दिखावटी घोषणाओं से भरा हुआ है।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा इस जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ जनता की आवाज बनेगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। कांग्रेस सरकार ने राहत देने के बजाय जनता पर टैक्स का कहर बरपाया है। यह बजट हिमाचल की जनता के साथ सीधा अन्याय है।