मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे की फिरौती के लिए अपहरण करने की साजिश रची थी। पुलिस ने दावा है कि इससे पहले आरोपियों ने बाकायदा क्षेत्र की रेकी भी की थी। पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान मनीश वर्मा उर्फ मनू निवासी गांव जघेड़ी, ठियोग के रूप में हुई है।
वह वर्तमान में भट्ठाकुफर में रहता है और प्रॉपर्टी डीलर तथा ठेकेदारी का काम करता है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मनीश वर्मा उर्फ मनू ही पूरे अपराध का मास्टर माइंड है। इसने पीड़ित आर्यन चौहान की दैनिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसमें उसकी दिनचर्या, आने-जाने के समय और स्थानों की पूरी जानकारी जुटाकर योजनाबद्ध तरीके से अपहरण की साजिश रची गई। आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मंगलवार को छापेमारी करके मनीश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दबिश के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और 10 कारतूस भी बरामद किए हैं। हालांकि अभी पुलिस अपहरण की कोशिश के पीछे छिपे मकसद को उजागर नहीं कर रही है। इसको लेकर आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मनू के खिलाफ इससे पहले भी नशा तस्करी, मारपीट और चोरी समेत पांच केस दर्ज हैं। यह मामले वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2021 के बीच में दर्ज हुए हैं।
हालांकि इन मामलों का वर्तमान में क्या स्टेट्स है, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। वहीं मामले में गिरफ्तार मुस्समी टाशी नेगी निवासी गांव एवं डाकघर नारकंडा तहसील कुमारसैन, जिला शिमला के खिलाफ भी वर्ष 2010 में एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। मुस्समी टाशी नेगी पुलिस विभाग में भी सेवाएं दे चुका हैं लेकिन कुछ साल पहले उसने वीआरएस ले ली थी। इसके अलावा मामले में शामिल तीसरा आरोपी चरणजीत सिंह है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सीएम के सलाहकार नरेंद्र चौहान के बेटे पर कुछ लोगों ने हमला करने की कोशिश की थी। इसके बाद से पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है। अब इसमें अपहरण का एंगल सामने आने से हर कोई हैरान है।
क्या है पूरा मामला?
मामला 20 मार्च का है। पुलिस को दी शिकायत में आर्यन चौहान निवासी नवबहार शिमला ने बताया कि इसको तीन संदिग्धों ने तारापुर सड़क में गाड़ी से उतरकर फिरौती और लूटपाट करने के मकसद से घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान आरोपियों के पास पिस्टल और लोहे की रॉड भी थी। शिकायतकर्ता ने इस दौरान छलांग लगाकर खुद को बचाया। इसके बाद आरोपी गाड़ी से मौके से भाग निकले। पुलिस ने बाद में गाड़ी को मशोबरा के समीप से बरामद किया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 311,109,126(2), 351,115(2), 3(5) बीएनएस और 25,27 आर्म्स एक्ट दर्ज थाना ढली में केस दर्ज किया। पुलिस ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। भौतिक, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीसरे मुख्य साजिशकर्ता को आज गिरफ्तार किया गया है।