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पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन: अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो सकती हैं विधानसभा समितियों की बैठकें

Thu, 18 Nov 2021 10:38 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रखर दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया है कि सदनों की समितियों की बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाए।
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शिमला में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिमला में आयोजित हो रहे 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान विधानसभा और विधान परिषदों के संचालन को और बेहतर करने के उद्देश्य से हो रहे मंथन में बड़ी बात निकलकर आई है। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया है कि सदनों की समितियों की बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाए। समितियों के सामने संबंधित विभागों व जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हों ताकि न सिर्फ विधायिका बल्कि शासन-प्रशासन के बहुमूल्य समय का भी उचित उपयोग किया जा सके।

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साथ ही इससे बैठकों के दौरान होने वाले व्यय को भी कम करने में आसानी होगी। विषय पर चर्चा के दौरान कुछ पीठासीन अधिकारियों ने मिनी सदन कही जाने वाली इन कमेटियों के कामकाज की गोपनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की जिसके सुनिश्चित होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें कराने पर एकराय बन गई। उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में पहले ही इस संबंध में कवायद शुरू कर दी है और अपने यहां साउंड प्रूफ कमरे बनाए हैं जहां से अधिकारी इन बैठकों में शामिल हो सकते हैं। 

विशेषाधिकार की सीमा पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान संसद, विधानसभा व विधान परिषद के सदस्यों के विशेषाधिकार को लेकर भी चर्चा हुई। चूंकि आम तौर पर कई बार सदस्य अपने विशेषाधिकार के हनन की शिकायत कर अफसरों के खिलाफ प्रस्ताव लाते हैं। ऐसे में यह भी तय करने पर जोर दिया गया कि किन विषयों व चीजों को सदस्यों के विशेषाधिकार का हनन माना जाए।

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