सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक पाने वाले एसपी मंडी गुरुदेव शर्मा ने बतौर एसडीपीओ विभिन्न स्थानों पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण केसाें की जांच कर अहम खुलासे किए। उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की।
डीएसपी बिलासपुर संजय शर्मा को पुलिस पदक से नवाजा गया है। उन्होंने कुल्लू में थाना प्रभारी रहते हुए सबसे अधिक मात्रा में चरस पकड़ी थी, जो आज तक का रिकॉर्ड है। बैजनाथ थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने हिजबुल का एक आतंकी पकड़ा था।
हमीरपुर में तैनात एसआई जगपाल सिंह को भी पुलिस मेडल के लिए चुना है। उन्होंने हमीरपुर, ऊना, देहरा में भ्रष्टाचार के आरोप में शामिल पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया था। ऊना में हुए ट्रिपल मर्डर केस के अपराधी को पकड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई।
वनकाटुओं पर भी शिकंजा कसा। वर्ष 2011 में जिला हमीरपुर की नाबालिग को भगा ले जाने वाले दो कश्मीरी युवकों को देहरा थाना प्रभारी रहते रानीताल चौकी में पकड़वाया। इसके लिए उन्हें 2011-12 में डीजीपी डिस्क अवॉर्ड भी मिला।
शिमला में तैनात एसआई संजय गुलेरिया को भी सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से नवाजा गया है। संजय गुलेरिया ने किन्नौर जिला के वांगतु और कुल्लू के शॉट में आई बाढ़ के दौरान भी राहत कार्यों में सराहनीय काम किया। उन्होंने पारछू झील के कारण आई बाढ़ के समय में भी उत्कृष्ट सेवाएं दीं।